रेस्क्यू के बाद खुला शिकार का खौफनाक सच खेत में बिछाया गया था मौत का जाल, वन विभाग ने शिकारी दबोचा, फंदे बरामद एक गिरफ्तार

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रेस्क्यू के बाद खुला शिकार का खौफनाक सच खेत में बिछाया गया था मौत का जाल, वन विभाग ने शिकारी दबोचा, फंदे बरामद एक गिरफ्तार
कटनी।। विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दरौडी में लोहे की फेंसिंग में फंसे तेंदुए का मामला अब एक गंभीर और सुनियोजित वन्यजीव अपराध के रूप में सामने आया है। वन विभाग की गहन जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि तेंदुए को फंदे में फंसाकर मौत के घाट उतारने की पूरी तैयारी थी। समय रहते वन विभाग की सक्रियता ने एक संरक्षित वन्यप्राणी की जान बचा ली।
बीट दरौडी (RF-42) से लगे राजस्व क्षेत्र में चैन लिंक फेंसिंग में फंसे तेंदुए को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) की रेस्क्यू टीम एवं पशु चिकित्सकों ने कड़ी मशक्कत के बाद सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन अधिकारियों के अनुसार यदि कुछ घंटे और देरी होती, तो तेंदुए की तड़प-तड़प कर मौत भी हो सकती थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब सतना वनमंडल की डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल पर सर्च अभियान चलाया, तो जांच ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर कर दिए। फेंसिंग के आसपास से शिकार के लिए लगाए गए 5 लोहे के फंदे बरामद किए गए जो इस बात का सीधा सबूत हैं कि तेंदुए को जानबूझकर मौत के जाल में फंसाया गया था।
डॉग स्क्वाड की निशानदेही पर वन विभाग की टीम सीधे संदिग्ध राजू सिंह के घर पहुंची, जहां से 7 लोहे की खूंटी, तार और फंदा लगाने का सामान जब्त किया गया। वन विभाग ने आरोपी राजू सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

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