भाजपा नेता के बिगड़े बोल : आदिवासी युवक को धमकाया, 2 लाख में जनपद का वोट खरीदने की खुद की पुष्टि

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(अमित दुबे @7000656045)

भारतीय जनता पार्टी के अनूपपुर के किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अभिषेक सिंह के द्वारा कोतमा जनपद अंतर्गत श्रीमती कंचन कुवंर निर्वाचित सदस्य
जनपद कोतमा के पुत्र को उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर वोट देने के लिए फोन पर धमकाया जा रहा था, हालांकि अभिषेक सिंह ने उपाध्यक्ष बनने की चाहत में अकेले श्रीमती कंचन सिंह के पुत्र ही नहीं बल्कि अन्य कई जनपद सदस्यों को इस तरह अपने प्रभाव और भारतीय जनता पार्टी का खौफ दिखाकर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए न सिर्फ डराया धमकाया है ,बल्कि उन्हें रुपए देकर खरीदने का भी प्रयास किया है।

सोशल मीडिया में अभिषेक सिंह श्रीमती कंचन सिंह के पुत्र के बीच हुई वार्ता का एक ऑडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है जिसमें अभिषेक सिंह खुले रूप से आदिवासी समाज के युवक को धमका रहे हैं,डरा रहे हैं और खुद इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि उसने ₹200000 जनपद सदस्य को अपने पक्ष में वोट करने के लिए दिए हैं ।

अभिषेक सिंह के द्वारा दिए गए रुपए उन्हें मिले हैं या नहीं उन्होंने लिए हैं या नहीं यह तो जनपद सदस्य ही जाने लेकिन इस बात की पुष्टि तो हो रही है कि अभिषेक सिंह ने उपाध्यक्ष बनने की चाहत में काले धन का उपयोग किया है, जाहिर है कि यह ₹200000, यदि दिए गए हैं तो चेक से या फिर अकाउंट में आरटीजीएस करके नहीं दिए गए होंगे।

इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि ₹200000 काले धन के रूप में दिया गया होगा और इसी तरह गलत काम करके यह धन अर्जित भी किया गया होगा।

बहरहाल खुलेआम निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ ही भारतीय जनता पार्टी की साख को धक्का लगाया जा रहा है और यह ऑडियो शहडोल, अनूपपुर, उमरिया आदि जिलों में जमकर वायरल हो रहा है और भारतीय जनता पार्टी की जमकर किरकिरी भी हो रही है।

आने वाले वर्ष में विधानसभा के चुनाव होने हैं और खासकर कोतमा और अनूपपुर की सीटें भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत अहम भी हैं,अनूपपुर से भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री भी हैं और जनपद अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बृजेश गौतम भी हैं अब देखना होगा कि इस पूरे मामले के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और संगठन जो चाल चरित्र और स्वच्छ प्रशासन देने का दावा करता है,इस मामले में अभिषेक के ऊपर क्या कार्यवाही करता है।

अभिषेक को संगठन बाहर का रास्ता दिखाता है या नहीं, यह भी बात सामने आई कि संगठन खुद आगे आकर स्वच्छ प्रशासन देने और आमजन में भारतीय जनता पार्टी के साथ को साफ सुथरा दिखाने के लिए खुद इसके खिलाफ थाने में या कलेक्टर कार्यालय में शिकायत भी दे सकता है, जिससे पार्टी की छवि साफ-सुथरी रहे, इधर यह बात भी सामने आई कि एक बड़ा आदिवासी वोट बैंक अभिषेक सिंह के द्वारा आदिवासियों को धमकाने के मामले को गंभीरता से लेकर एकजुट होने जा रहा है।

कांग्रेसी इस मामले को भले ही न भुना पाए लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आदिवासी युवक को धमकाने उसे ₹200000 देने दुकान में मिलने जैसे बातों को आदिवासी समुदाय ने गंभीरता से लिया है और वह एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ खड़ा नजर आ सकता है।

 

(सुनिए क्या कहा भाजपा नेता ने)

(सुनिए क्या कहा भाजपा नेता ने)

सोशल मीडिया में अभिषेक सिंह श्रीमती कंचन सिंह के पुत्र के बीच हुई वार्ता का एक ऑडियो इन दिनों जमकर वायरल हो रहा है जिसमें अभिषेक सिंह खुले रूप से आदिवासी समाज के युवक को धमका रहे हैं,डरा रहे हैं और खुद इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि उसने ₹200000 जनपद सदस्य को अपने पक्ष में वोट करने के लिए दिए हैं ।

अभिषेक सिंह के द्वारा दिए गए रुपए उन्हें मिले हैं या नहीं उन्होंने लिए हैं या नहीं यह तो जनपद सदस्य ही जाने लेकिन इस बात की पुष्टि तो हो रही है कि अभिषेक सिंह ने उपाध्यक्ष बनने की चाहत में काले धन का उपयोग किया है, जाहिर है कि यह ₹200000, यदि दिए गए हैं तो चेक से या फिर अकाउंट में आरटीजीएस करके नहीं दिए गए होंगे।

इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि ₹200000 काले धन के रूप में दिया गया होगा और इसी तरह गलत काम करके यह धन अर्जित भी किया गया होगा।

बहरहाल खुलेआम निर्वाचन आयोग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के साथ ही भारतीय जनता पार्टी की साख को धक्का लगाया जा रहा है और यह ऑडियो शहडोल, अनूपपुर, उमरिया आदि जिलों में जमकर वायरल हो रहा है और भारतीय जनता पार्टी की जमकर किरकिरी भी हो रही है।

आने वाले वर्ष में विधानसभा के चुनाव होने हैं और खासकर कोतमा और अनूपपुर की सीटें भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत अहम भी हैं,अनूपपुर से भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री भी हैं और जनपद अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बृजेश गौतम भी हैं अब देखना होगा कि इस पूरे मामले के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और संगठन जो चाल चरित्र और स्वच्छ प्रशासन देने का दावा करता है,इस मामले में अभिषेक के ऊपर क्या कार्यवाही करता है।

अभिषेक को संगठन बाहर का रास्ता दिखाता है या नहीं, यह भी बात सामने आई कि संगठन खुद आगे आकर स्वच्छ प्रशासन देने और आमजन में भारतीय जनता पार्टी के साथ को साफ सुथरा दिखाने के लिए खुद इसके खिलाफ थाने में या कलेक्टर कार्यालय में शिकायत भी दे सकता है, जिससे पार्टी की छवि साफ-सुथरी रहे, इधर यह बात भी सामने आई कि एक बड़ा आदिवासी वोट बैंक अभिषेक सिंह के द्वारा आदिवासियों को धमकाने के मामले को गंभीरता से लेकर एकजुट होने जा रहा है।

कांग्रेसी इस मामले को भले ही न भुना पाए लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आदिवासी युवक को धमकाने उसे ₹200000 देने दुकान में मिलने जैसे बातों को आदिवासी समुदाय ने गंभीरता से लिया है और वह एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ खड़ा नजर आ सकता है।

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