अधिवक्ताओं के साथ घटना करने वाले अभियुक्तों की पैरवी नहीं कर सकेंगे अधिवक्ता

शहडोल। जिला अधिवक्ता संघ शहडोल ने पारित किया प्रस्ताव
अधिवक्ताओं के साथ मारपीट एवं गम्भीर घटनाएं घटित होने पर जिला न्यायालय व अधीनस्थ न्यायालय शहडोल में अभियुक्त पक्ष की ओर से जिला अधिवक्ता संघ शहडोल की ओर से कोई भी अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा और यदि कोई अधिवक्ता पैरवी करता पाया जाता है तो जिला अधिवक्ता संघ के निर्देशों की अवहेलना किये जाने पर संबंधित अधिवक्ता को कारण बताओ नोटिस व जवाब लिये जाने के बाद जिला अधिवक्ता संघ शहडोल से उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी। 

उक्ताशय की जानकारी जिला अधिवक्ता संघ शहडोल के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने दी। श्री बघेल ने बताया कि अधिवक्ताओं के साथ भी कभी-कभी आपराधिक तत्व के लोग मारपीट की घटनाएं कर देते हैं और कुछ अधिवक्ता ऐसे तत्वों की पैरवी करने के लिये
जिला न्यायालय व अधीनस्थ न्यायालयों में पैरवी करने अपना
वकालतनामा प्रस्तुत कर देते हैं। ऐसे अधिवक्ताओं की अ
हड्डीं, जो अधिवक्ताओं के विरूद्ध पैरवी करेंगे, उनकी न केवल
जिला अधिवक्ता संघ से सदस्यता समाप्त की जायेगी, बल्किउन्हें संघ से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर दिया
जायेगा।
इस संबंध में जिला अधिवक्ता संघ शहडोल के सामान्य सभा की बैठक 16 सितम्बर 2022 को अधिवक्ता संघ शहडोल के सभागार में दोपहर दो बजे हुई, बैठक में निर्णय लेकर प्रस्ताव पारित किया गया, बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता रामविष्णु गुप्ता, रवीन्द्र श्रीवास्तव, प्रवीण सराफ, खूबचन्द्र अग्रवाल, रामविशाल गर्ग, उमेश उपाध्याय, सुरेश जेठानी, शिवकान्त त्रिपाठी, हनुमान मिश्रा, नारायण मिश्रा, रामकुमार नापित, गिरीश श्रीवास्तव, मंजुला तिवारी, अंजुला सिंह, राजेन्द्र द्विवेदी, बृजेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।