हाइकोर्ट मे नियुक्ति का झांसा देकर ठगने वाले आरोपियों को सजा

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हाइकोर्ट मे नियुक्ति का झांसा देकर ठगने वाले आरोपियों को सजा

कटनी॥  तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में छह आरोपियों को सात वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों ने न्यायालय में नौकरी दिलाने के नाम पर हाइकोर्ट से नियुक्ति के संबंध में फर्जी दस्तावेज बना लिए थे तथा बेरोजगार युवक-युवतियों से रुपए ऐंठकर नौकरी का झांसा देते थे। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने एक महिला खिलाफ कार्रवाई की थी। मामला 10 जून 2019 को पेश किया। इस मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। पैरवी अपर लोक अभियोजक जेपी चौधरी ने की है और साक्ष्य तत्कालीन माधवनगर टी आई रहे संजय दुबे और उनकी मातहत टीम बीडी द्विवेदी और एएसआई विजेंद्र तिवारी ने जुटाए थे। अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी आनंद कुमार दुबे निवासी गढ़ाकोटा जिला सागर, अनिल कुमार दुबे निवासी ग्राम घिनौती सिंघापट्टी थाना नोहटा तहसील जबेरा जिला दमोह, बब्लू उर्फ इकरामुद्दीन गढ़ी मोहल्ला जिला दमोह, मोहम्मद गफ्फार ग्राम मारूताल थाना देहात जिला दमोह व सरिता सिंह ठाकुर पति राघवेंद्र सिंह निवासी ग्राम घाना थाना जबेरा जिला दमोह सहित साजिद ने मिलकर युवाओं के साथ धोखाधड़ी की थी। आरोपी न्यायालय में नौकरी दिलाने के नाम पर हाइकोर्ट से नियुक्ति के संबंध में आदेश बना लिए और युवाओं को ठगने लगे। जब युवक ज्वाइनिंग करने न्यायालय पहुंचे तो फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ । माधवनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420,34, 467, सहित छह 34, 468, 34, 71, 120बी आदि के तहत चालान न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने छह आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। आनंद कुमार दुबे को सात वर्ष सश्रम की चार व एक दो वर्ष की, अनिल कुमार दुबे को सात वर्ष की तीन एक दो वर्ष की, बब्लू उर्फ इकरामुद्दीन को सात वर्ष की चार, दो वर्ष की एक, मो गफ्फार को सात-सात की चार, दो वर्ष की एक व सरिता ठाकुर को सात-सात साल की व एक दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी सजा में दो-दो हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।

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