अग्रिशमन के 6 फायरमैन वार्डों में सुधार रहे वोटर आईडी
निर्वाचन शाखा प्रभारी के बीएलओ व्यापार से चरमराई दमकल सेवा

दमकल के अमले की स्थिति
इन दिनो शहडोल फायर स्टेशन में 6 वाहन हैं इनमें प्रत्येक वाहन में 4 फायर मैन और दो चालक कुल 6 लोगों का स्टाफ होता है। 6 वाहनों में 36 लोगों का स्टाफ चाहिए। लेकिन अमले की कमी के कारण यहां पूर्व से ही मात्र 18 कर्मचारी काम कर रहे हैं। अमले की कमी की पूर्ति के लिए कई बार शासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया है लेकिन केाई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फायर स्टेशन इंचार्ज के सेवा निवृत्त होने के बाद एक अयोग्य जिसकी शैक्षणिक योग्यता हाई स्कूल भी नहंी है और जिसने अग्रिशमन सेवा संबंधी कोई प्रशिक्षण भी प्राप्त नहीं किया है उसे ही प्रभारी बना दिया गया है। इससे व्यवस्थाएं और भी चरमरा रहीं हैं।
6 फायरमैन बने बीएलओ
फायर स्टेशन में एक तो पहले से ही केवल पचास फीसदी स्टाफ कार्यरत है यहां मात्र 18 लोग ही कार्यरत थे। उसमें भी 6 लोगों को निर्वाचन शाखा प्रभारी सतीश पटेल ने जबरिया बीएलओ नियुक्त कर उन्हे वार्डों में ड्यूटी करने भेज दिया। अब यह कर्मचारी फायर स्टेशन की सेवा छोडक़र वार्डों में वोटर आईडी सुधार, संधारण संचालन आदि के कार्य करने को विवश हैं। फायरमैन सुशील गुप्ता वार्ड नं7/10, संतोष यादव 12/16, ओमप्रकाश पाव वार्ड नंबर 24, अनिल यादव वार्ड नंबर 25, जफर खान वार्ड नंबर 29, रामप्रकाश पाठक वार्ड नंबर 5 में बीएलओ का काम कर रहे हैं। अगर अचानक फायर स्टेशन में जाकर पूछताछ की जाए तो इनके बारे में यही पता चलेगा कि इन्हे वार्ड में ड्यूटी करनी पड़ रही है। निर्वाचन शाखा प्रभारी इन्हे बीएलओ के कार्य से मुक्त करने इनसे भी मोटी रकम मांग रहा है।
लिपिक मौज मस्ती कर रहे
नगरपालिका में सहायक ग्रेड 3 के 22 लोगों का स्टाफ है इनमें से किसी को बीएलओ नहीं बनाया गया है। इन्हे निर्वाचन शाखा प्रभारी सतीश पटेल ने इसलिए छोड़ रखा है क्योंकि इन्होने उसे मोटी रकम भेंट कर उसे खुश कर रखा है। बताते है कि बीच बीच में नपा के लिपिक उसकी सेवा खुशामद करते रहते हैं। इसलिए इन्हे अभयदान मिला हुआ है, नपा के यह लिपिक कार्यालय में बैठक र भी कोई काम नहीं करते हैं, कार्यालय से इनका संबंध केवल हस्ताक्षर और वेतन तक सीमित रह गया है। यह लिपिक दिनभर इधर उधर मसखरी करते घूमते रहते हैं। हैरानी की बात है कि सीएमओ और चेयरमैन भी इनकी तलाश नहीं करते।
भरोसेमंद नहीं दमकल सेवा
शहडोल नगरपालिका की दमकल सेवा अब बिल्कुल भी भरोसे मंद नहीं रह गई है। क्योंकि सीएमओ और चेयरमैन को इस बात से कोई सरोकार नहीं कि अति आवश्यक अग्रिशमन सेवा का स्तर क्या से क्या होता जा रहा है। उसके वाहनों की स्थिति और उसके अमले की स्थिति क्या है उसको व्यवस्थित और चौबीसो घंटे तैयार रखना अनिवार्य है अब तो एक सामान्य दफ्तर की ही भांति फायर स्टेशन भी हो चुका है। घटना होने पर दमकल की सेवा पहुंचने में समय ही लगेगा। सीएमओ और चेयरमैन को अग्रिशमन सेवा की नए सिरे से समीक्षा करनी चाहिए।