कमिश्नर ने रिश्वतखोर डॉक्टर को किया निलंबित

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शहडोल। कमिश्नर गोपाल चन्द्र डाड ने डॉक्टर अपूर्व पाण्डेय मेडिकल आफिसर जिला अस्पताल शहडोल को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। डाक्टर पर रोगियों से रिश्वत लेने का आरोप था। ग्राम खन्नौधी निवासी महिला हाजरा बी ने इस आरोप के साथ कलेक्टर से शिकायत की थी कि उनके पति मो. इदरीस के हाइड्रोसिल के आपरेशन के लिए 10 हजार रूपए की मांग की थी। जब यह रकम उन्हे नहीं दी गई तो उन्होने उनका ऐसा लापरवाही पूर्ण आपरेशन कर दिया कि उन्हे आराम नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा कलेक्टर से इस आशय की भी शिकायत की गई थी कि विधायक जयसिंहनगर के वाहन चालक आदिवासी बैगा युवक से सर्जरी करने के नाम पर 4 हजार रुपए ले लिए गए थे। जिसकी शिकायत तो हुई ही साथ ही मीडिया और समाचार पत्रों में इसका प्रकाशन हुआ। कलेक्टर ने इन आरोपों पर कार्रवाई के लिए कमिश्नर के समक्ष नोटशीट प्रस्तुत की थी। जिस पर कमिश् नर ने तत्काल कार्रवाई कर डॉ. अपूर्व पाण्डेय के निलम्बन के आ देश जारी कर दिए। निलम्बन अवधि में उनका कार्यस्थल जयसिंहनगर अस्पताल नियत किया गया है। इसी जिला अस्पताल के डाक्टर निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं और यहां से रोगियों को बरगलाकर निजी अस्पतालों मेें भर्ती करा रहे हैं। इसके बदले उन्हे मोटी रकम मिल रही है। जहां सरकार रोगियों को मुफ्त इलाज कराने का प्रबंध कर रही है वहां डाक्टरों ने इस तरह की लूट मचा रखी है और रोगियों की हड्डियां चूस रहे हैं। जिले भर में देखा जाए तो कितने ही निर्धन आदिवासी आज भी कर्जे के बोझ से उबर नहीं पा रहे हैं जो जिला अस्पताल इलाज कराने आए और फिर यहंा दलालों के फेर मेे पड़कर निजी अस्पताल चले गए। अस्पताल में ऑक्सीजन का सौदा, खून का सौदा जैसे घिनौने कृत्य हो रहे हैं। कलेक्टर, कमिश्नर कभी अस्पताल में दबिश नहीं डालते।

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