महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, महाप्रसाद व महापूजन में शामिल हुए हजारों भक्त

0
 (संतोष टंडन)
बलौदाबाजार | महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत कोनारी में ऐतिहासिक उत्सव देखने को मिला। तालाब किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालु उमड़े और भगवान भोलेनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों ने रुद्राभिषेक, हवन, महापूजन और भंडारे में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सभी धर्मों और समुदायों ने मिलकर मनाया पर्व  
कोनारी गांव की खासियत यह है कि यहां सभी धर्म और समुदाय के लोग मिलकर महाशिवरात्रि का महापर्व मनाते हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों माताएं, बहनें, बुजुर्ग और बच्चे प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। आयोजन में अनूठी व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। 
ट्रैक्टर-ट्रॉली में बर्तन सफाई, थालियों में परोसा भोजन
गांव के लोगों ने भंडारे की व्यवस्था को इस तरह से किया कि यह अन्य स्थानों के लिए मिसाल बन गया। भोजन परोसने के लिए पत्तलों की बजाय थालियों का उपयोग किया गया, जिससे प्लास्टिक कचरा कम हुआ। वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर बर्तनों की सफाई की गई, जिससे व्यवस्थित रूप से आयोजन संपन्न हुआ। 
सैकड़ों लोगों की टीम ने बनाया भोजन
भंडारे के लिए गांव के सैकड़ों लोगों की टीम ने शुद्ध व सात्विक भोजन तैयार किया। ग्रामीणों का कहना है कि भगवान शिव के आशीर्वाद के बिना यह सब संभव नहीं। भक्तों ने बताया कि इस आयोजन को देखकर कोई भी भाव-विभोर हुए बिना नहीं रह सकता।
गांव में परंपरा के रूप में मनाया जाता है यह महापर्व
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों पुरानी है। हर साल गांव के लोग आपसी सहयोग से भंडारे का आयोजन करते हैं। इसमें न केवल कोनारी, बल्कि आसपास के दर्जनों ग्राम पंचायतों के लोग भी शामिल होते हैं।
24 घंटे शिव कथा और भजन-कीर्तन का आयोजन
महाशिवरात्रि के अवसर पर गांव में 24 घंटे की शिव कथा का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालु पूरी रात भजन-कीर्तन में लीन रहे। भक्तों ने शिव भजनों पर नृत्य किया और भक्ति में डूबे रहे।
मेले का भी आयोजन, बच्चों और युवाओं में उत्साह
गांव में हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर छोटे मेले का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों से लोग पहुंचते हैं। मेले में झूले, मिठाइयों की दुकानें और खेल-खिलौनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।
गांव छोटा, पर परंपराएं विशाल
श्रद्धालुओं का कहना है कि कोनारी देखने में भले ही एक छोटा सा गांव लगे, लेकिन यहां की परंपराएं इसे महान बनाती हैं। शिव भक्तों की आस्था और गांव की एकता इसे एक विशाल धार्मिक केंद्र बना देती है। निश्चित रूप से यह आयोजन पूरे जिले में भक्ति और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!