महापौर ने विकास शुल्क शिविरों का लिया जायजा, नागरिकों से किया संवाद अनाधिकृत कालोनियों में अधोसंरचना विकास की दिशा में निगम का अहम कदम
महापौर ने विकास शुल्क शिविरों का लिया जायजा, नागरिकों से किया संवाद
अनाधिकृत कालोनियों में अधोसंरचना विकास की दिशा में निगम का अहम कदम
कटनी।। नगर की अनाधिकृत कालोनियों में अधोसंरचना विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन द्वारा आयोजित विकास शुल्क शिविरों का महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने निरीक्षण कर जायजा लिया। महापौर ने लाल बहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 3 में पहरूआ स्कूल के पास, इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 4 के शिवाजी नगर व बालाजी नगर तथा राम मनोहर लोहिया वार्ड क्रमांक 5 के अहमदनगर में आयोजित होने वाले विकास शुल्क शिविरों का अवलोकन किया। इस दौरान मेयर इन काउंसिल सदस्य एवं संबंधित वार्डों की पार्षद भी उपस्थित रहीं।
निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती सूरी ने शिविरों में नागरिकों द्वारा जमा की गई विकास शुल्क राशि की जानकारी ली तथा शिविर स्थलों पर की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्डों में आयोजित होने वाले शिविरों की जानकारी एक दिन पूर्व ही गलियों में व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से दी जाए। साथ ही विकास शुल्क की गणना से संबंधित संपूर्ण जानकारी शिविर स्थल पर पूर्व से उपलब्ध कराई जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महापौर ने शिविर स्थल पर उपस्थित नागरिकों से संवाद कर उन्हें आगामी शिविरों की जानकारी दी और अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही विकास शुल्क शिविर सफल होंगे और तभी अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र गति दी जा सकेगी।
महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने बताया कि विकास शुल्क की राशि प्राप्त होने के पश्चात संबंधित वार्डों की अनाधिकृत कालोनियों में नियमानुसार चरणबद्ध तरीके से सड़क, नाली, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत कालोनियों के नियमितीकरण एवं विकास की दिशा में वार्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन नगर निगम का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर विकास शुल्क जमा करें, ताकि उनके क्षेत्रों में भी शीघ्र विकास कार्य प्रारंभ हो सकें और वार्डों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।