भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संगम के साथ कटनी की पावन धरा पर श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव 31 जनवरी से 6 फरवरी तक रंगनाथ नगर में श्रीहरि कथा से सजेगा भक्ति महोत्सव, सनातन और संतवाणी से जागेगी जन-जन की चेतना होगा विराट जागरण ,उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

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भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संगम के साथ कटनी की पावन धरा पर श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव
31 जनवरी से 6 फरवरी तक रंगनाथ नगर में श्रीहरि कथा से सजेगा भक्ति महोत्सव, सनातन और संतवाणी से जागेगी जन-जन की चेतना होगा विराट जागरण
,उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

कटनी।। “निगमकल्पतरोर्गलितं फलम्…”-वेदरूपी कल्पवृक्ष का यह मधुर फल श्रीमद्भागवत महापुराण, जब किसी क्षेत्र में प्रवाहित होता है तो वह भूमि तीर्थ बन जाती है। ऐसी ही अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति का साक्षी बनने जा रही है कटनी की पुण्यधरा, जहाँ 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का दिव्य आयोजन होने जा रहा है।
श्रीमद्भागवत महापुराण को वेदों का सार और भक्तों के जीवन का प्रकाशस्तंभ कहा गया है। यह कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि आत्मा के शुद्धिकरण और लोक-परलोक के कल्याण का साधन है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त प्रह्लाद की अडिग भक्ति, ध्रुव की तपस्या, सुदामा की निष्काम मित्रता और कुंती-भीष्म की स्तुतियों के माध्यम से मानव जीवन को धर्मपथ पर अग्रसर करने का दिव्य संदेश दिया जाएगा।
कथा का शुभारंभ 31 जनवरी को भव्य कलश यात्रा एवं देव पूजन के साथ होगा। यह कलश यात्रा नगर में धार्मिक चेतना का संचार करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाएगी। प्रतिदिन सायं 3 बजे से हरि इच्छा तक कथा वाचन होगा, जिसमें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, रासलीला, सुदामा चरित्र, पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद जैसे पुण्य प्रसंग श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगे।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि समाज में सदाचार, संस्कार और सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक महायज्ञ है। कथा के माध्यम से नगरवासियों के जीवन में शांति, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का संचार होगा। निस्संदेह, श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ कटनी के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा और यह पावन आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आस्था और संस्कृति की प्रेरणा बनेगा।
प्रतिदिन होंगे दिव्य प्रसंगों के दर्शन
इस दिव्य आयोजन का शुभारंभ शनिवार 31 जनवरी 2026 को भव्य कलश यात्रा, देव पूजन एवं श्रीमद्भागवत महात्म्य कथा के साथ होगा। कलश यात्रा प्रातः11 बजे गोलबाजार रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर नगर में धार्मिक चेतना का संचार करेगी।
कार्यक्रम विवरण इस प्रकार है
रविवार 01 फरवरी 2026-कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति एवं परीक्षित जन्म का भावपूर्ण वर्णन।
सोमवार 02 फरवरी 2026-देवहूति–कर्दम संवाद, ध्रुव चरित्र एवं भक्त प्रह्लाद चरित्र—भक्ति और तपस्या की अनुपम कथाएँ।
मंगलवार 03 फरवरी 2026-वामन अवतार, गजेन्द्र मोक्ष, श्रीराम अवतार एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव—भक्ति रस से ओतप्रोत प्रसंग।
बुधवार 04 फरवरी 2026-श्रीकृष्ण बाललीला, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग—श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण।
गुरुवार 05 फरवरी 2026-रासलीला एवं श्री रुक्मिणी मंडल—प्रेम और भक्ति का चरम स्वरूप।
शुक्रवार 06 फरवरी 2026-श्री सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, हवन एवं पूर्णाहुति—कथा का भावपूर्ण समापन।
शनिवार 07 फरवरी 2026-महाप्रसाद एवं भंडारा—सभी श्रद्धालुओं के लिए।
रविवार 08 फरवरी 2026-जल विहार—भक्ति उत्सव का आनंदमय समापन।
कथा का समय प्रतिदिन सायं 3 बजे से हरि इच्छा तक निर्धारित है।
जहाँ भागवत कथा होती है, वहाँ पाप ठहर नहीं पाते।
इस कथा ज्ञानयज्ञ के माध्यम से नगर में धर्म, संस्कार और सद्भाव का नव जागरण होगा। आयोजक श्री रंगनाथ सेवा समिति, रंगनाथ नगर ने समस्त श्रद्धालुओं से इस पुण्य अवसर में सपरिवार सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है। निस्संदेह, यह आयोजन कटनी की धार्मिक परंपरा में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करेगा।

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