SECL सोहागपुर में डामरीकरण घोटाले की बू! धूल पर बिछा डामर, करोड़ों की सड़क कुछ दिनों की मेहमान

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भारी वाहनों के मार्ग पर 1 इंच की परत, विजिलेंस जांच में फंस सकते हैं अफसर
शहडोल। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड  के सोहागपुर क्षेत्र में सड़क निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक 09 अमलाई मोहड़ा से लेकर वार्ड क्रमांक 06 दुर्गा मंदिर, वार्ड 07 शिव मंदिर चौराहा होते हुए धनपुरी की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग में किए जा रहे डामरीकरण को देखकर यह साफ है कि गुणवत्ता से ज्यादा बिल भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है।
बिना सफाई के काम, तकनीकी नियम ताक पर
सड़क निर्माण के लिए आवश्यक प्राथमिक प्रक्रिया पुरानी सड़क की सफाई, गड्ढों की भराई और समतलीकरण—पूरी तरह नजरअंदाज कर दी गई। धूल और मलबे से भरी सड़क पर सीधे डामर बिछाया जा रहा है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, ऐसी स्थिति में डामर सतह से चिपकता ही नहीं और पहली बारिश में परत उखड़ना तय है।
माइंस क्षेत्र में पतली सड़क, टेंडर शर्तों पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, इस मार्ग के डामरीकरण के लिए टेंडर में तय मोटाई और मानकों के आधार पर करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सिर्फ करीब 1 इंच मोटी डामर परत बिछाई जा रही है। माइंस क्षेत्र में जहां भारी डंपर और कोयला परिवहन के वाहन चलते हैं, वहां इतनी पतली सड़क ज्यादा दिन टिकना मुश्किल है।
इंजीनियर नदारद, ठेकेदार की मनमानी
निर्माण स्थल पर एस ई सी एल के सिविल विभाग के जिम्मेदार इंजीनियरों की मौजूदगी न होने से ठेकेदार को खुली छूट मिल गई है। सवाल यह उठ रहा है कि बिना विभागीय निगरानी के यह कार्य कैसे और किसके संरक्षण में कराया जा रहा है?
श्रमिकों और रहवासियों में नाराजगी
एस ई सी एल कॉलोनियों में रहने वाले श्रमिकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रबंधन कागजों में सड़कें दुरुस्त दिखाकर भुगतान की तैयारी कर रहा है, जबकि वास्तविकता बेहद कमजोर निर्माण की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो शिकायत कोयला मंत्रालय और एस ई सी एल के सीएमडी बिलासपुर तक पहुंचाई जाएगी।

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