कटनी न्यायालय ने निष्पादन प्रकरण को किया समाप्त, बैंक खाते और संपत्तियों की कुर्की का संकट टला 45 करोड़ की तलवार से बचा नगर निगम राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मामले में मिथलेश जैन की पैरवी से निगम को ऐतिहासिक राहत

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कटनी न्यायालय ने निष्पादन प्रकरण को किया समाप्त, बैंक खाते और संपत्तियों की कुर्की का संकट टला
45 करोड़ की तलवार से बचा नगर निगम
राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मामले में मिथलेश जैन की पैरवी से निगम को ऐतिहासिक राहत
राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का मामला केवल एक कानूनी विवाद नहीं था, बल्कि यह नगर निगम की आर्थिक स्थिरता, जनहित योजनाओं और प्रशासनिक विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न बन चुका था। 45 करोड़ रुपए जैसी भारी राशि की वसूली यदि होती, तो इसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर पड़ता। ऐसे समय में वरिष्ठ अधिवक्ता मिथलेश जैन द्वारा नि:शुल्क पैरवी करना न केवल पेशेवर ईमानदारी का उदाहरण है, बल्कि सार्वजनिक संस्थाओं के प्रति प्रतिबद्धता का भी परिचायक है। यह निर्णय यह भी दर्शाता है कि यदि सही समय पर सही कानूनी रणनीति अपनाई जाए, तो वर्षों पुराने मामलों में भी राहत संभव है। यह फैसला नगर निगम प्रशासन के लिए चेतावनी और सीख दोनों है—कि भविष्य में ठेके, अनुबंध और कानूनी प्रक्रियाओं में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरती जाए। साथ ही यह निर्णय उन सभी नगर निकायों के लिए एक मिसाल है, जो लंबे समय से कानूनी जटिलताओं में फंसे हुए हैं।

कटनी।। रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित नगर निगम के राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से जुड़े बहुचर्चित विवाद में नगर निगम कटनी को बड़ी राहत मिली है। करीब 45 करोड़ रुपए की वसूली के खतरे से निगम को निजात मिल गई है। सप्तम जिला न्यायालय ने नगर निगम के विरुद्ध कटनी में चल रहे निष्पादन प्रकरण को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
ठेकेदार मेसर्स खुशीराम एंड कंपनी द्वारा प्रस्तुत इस प्रकरण में पूर्व में आर्बिट्रेशन प्रोसीडिंग्स, जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक नगर निगम को पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके चलते निगम पर 22 करोड़ 60 लाख रुपए की वसूली का आदेश हुआ, जो ब्याज सहित बढ़कर लगभग 45 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। वर्ष 2019 में प्रस्तुत निष्पादन प्रकरण में न्यायालय ने नगर निगम के बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी भी तलब कर ली थी, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति पर गंभीर संकट खड़ा हो गया था।
28 नवंबर 2025 को परिषद बैठक में उठा मुद्दा
महापौर, निगम अध्यक्ष व आयुक्त ने लिया निर्णय
वरिष्ठ अधिवक्ता मिथलेश जैन की नि:शुल्क पैरवी
कमर्शियल कोर्ट एक्ट की धारा 10 के तहत आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट–हाईकोर्ट के न्याय दृष्टांत प्रस्तुत
मिथलेश जैन द्वारा यह तर्क रखा गया कि यह निष्पादन प्रकरण कटनी न्यायालय में विधिसंगत रूप से चलने योग्य नहीं है। न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा और 29 जनवरी 2026 को नगर निगम के पक्ष में निर्णय पारित करते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा था और 29 जनवरी 2026 को अपना निर्णय पारित करते हुए नगर निगम के विरुद्ध कटनी न्यायालय में चल रही संपूर्ण कार्यवाही को समाप्त करने का आदेश दिया। इस निर्णय के साथ ही नगर निगम के बैंक खातों, संपत्तियों और भविष्य की योजनाओं पर मंडरा रहा बड़ा संकट समाप्त हो गया है।

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