इंदौर के बाद शहडोल में सनसनी: SECL अमलाई OCM परिसर में संदिग्ध जहरीले पानी से 8 गौवंशों की मौत, प्रबंधन पर गंभीर सवाल

शहडोल। दूषित पानी से मौतों का मामला अभी प्रदेश में शांत भी नहीं हुआ था कि अब शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित SECL अमलाई OCM परिसर से चिंताजनक घटना सामने आई है। परिसर के भीतर कथित तौर पर रासायनिक तत्व मिले पानी के सेवन से 8 से अधिक गौवंशों की मौत होने का मामला सामने आया है। एक साथ कई गौवंशों के मृत मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है और SECL प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धनपुरी थाना क्षेत्र के अमलाई OCM क्षेत्र में 4 गाय, 3 बछड़े और एक बैल मृत पाए गए। स्थानीय लोगों और गौ रक्षकों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में जमा दूषित और केमिकल मिश्रित पानी पीने के कारण यह घटना हुई। घटनास्थल के आसपास खदान से निकलने वाले अपशिष्ट जल और गड्ढों में भरे पानी की ओर भी लोगों ने ध्यान दिलाया है।
स्थानीय लोगों का आरोप — बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं
गौ रक्षक राम दुबे सहित अन्य स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि खदान क्षेत्र में सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन की अनदेखी के कारण पहले भी गौवंशों की मौतें हो चुकी हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में भी अमलाई और शारदा OCM क्षेत्र में बड़ी संख्या में गौवंशों की संदिग्ध मौतें दर्ज हुई थीं, लेकिन स्थायी रोकथाम के उपाय नहीं किए गए।
प्रबंधन पर उठे सवाल
स्थानीय संगठनों ने SECL सोहागपुर क्षेत्र के प्रबंधन और विशेष रूप से संबंधित उप क्षेत्रीय प्रबंधक स्तर के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि खदान क्षेत्र में खुले जहरीले पानी के स्रोत, सुरक्षा घेराबंदी और चेतावनी व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित की गई।
हालांकि इस मामले में SECL प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। प्रबंधन का पक्ष आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही धनपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और मृत गौवंशों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुढार से पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने भी प्रारंभिक जांच की है। डॉक्टरों के अनुसार वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
थाना प्रभारी का बयान
धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने पुष्टि करते हुए बताया कि अमलाई OCM परिसर में 8 गौवंशों की मौत का मामला सामने आया है। पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पीएम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच और जवाबदेही की मांग तेज
घटना के बाद स्थानीय लोगों, गौ संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र जांच, पानी के सैंपल परीक्षण और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। यदि दूषित जल की पुष्टि होती है तो यह गंभीर पर्यावरणीय और प्रबंधन विफलता का मामला बन सकता है।