विजयराघवगढ़ में तेंदुए का आतंक, मासूम के बाद अब पालतू मवेशियों को बनाया निशाना एक ही रात में 8 मवेशियों की मौत, ग्रामीणों में दहशत
विजयराघवगढ़ में तेंदुए का आतंक, मासूम के बाद अब पालतू मवेशियों को बनाया निशाना
एक ही रात में 8 मवेशियों की मौत, ग्रामीणों में दहशत
कटनी।। जिले के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले एक मासूम बालक की जान लेने के बाद अब तेंदुए ने रिहायशी इलाकों में घुसकर पालतू मवेशियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा घटना ने ग्रामीणों की चिंता और भय दोनों को बढ़ा दिया है।
घर में घुसकर किया हमला, किसान को भारी नुकसान
महगांव निवासी महिला किसान मीना बाई पंजाबी के घर के समीप बने बाड़े में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात तेंदुए ने धावा बोला। हमले में बाड़े में बंधी पांच बकरियों और तीन भैंसों को तेंदुए ने मौत के घाट उतार दिया। सुबह जब मीना बाई मवेशियों को देखने पहुंचीं तो सभी जानवर मृत अवस्था में पड़े मिले। एक ही रात में आठ मवेशियों की मौत से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद महगांव सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अब जंगल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे घरों और बाड़ों तक पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात के समय घर से बाहर निकलने में भी लोग डर रहे हैं।
पुरानी घटना का खौफ अब भी बरकरार
गौरतलब है कि इसी वन परिक्षेत्र के घुनौर ग्राम में 30 दिसंबर को तेंदुए ने 10 वर्षीय बालक राज कोल पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मुआयना किया, जहां तेंदुए के स्पष्ट पदचिह्न (पगमार्क्स) पाए गए हैं। विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए आसपास के जंगलों में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। साथ ही ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने, बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।