गुस्से का एक पल, बर्बाद हुई दो ज़िंदगियाँ शादी से पहले उजड़ा सपना: मामूली झगड़ा बना जानलेवा, 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई अंधी हत्या की गुत्थी
गुस्से का एक पल, बर्बाद हुई दो ज़िंदगियाँ
शादी से पहले उजड़ा सपना: मामूली झगड़ा बना जानलेवा, 24 घंटे में पुलिस ने सुलझाई अंधी हत्या की गुत्थी
……थाना रीठी क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में सामने आई यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि गुस्से, शराब और असंयम का खौफनाक परिणाम है। जिस युवक की कुछ ही दिनों में शादी होनी थी, वह बारात से पहले अर्थी पर चला गया, और जिस किशोरी के हाथों में मेहंदी लगनी थी, वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई। आज का युवा तेज़ है, आत्मविश्वासी है, लेकिन दुर्भाग्यवश असंयमित भी होता जा रहा है। हाल की यह घटना जहाँ शादी से पहले एक मामूली विवाद ने हत्या का रूप ले लिया केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने पर लगा गंभीर प्रश्नचिह्न है। यह अपराध किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं किया। यह किसी गिरोह की साजिश नहीं थी। यह किया गया एक आवेगपूर्ण क्षण में, जहाँ गुस्सा, नशा और भावनात्मक अपरिपक्वता ने मिलकर विवेक की हत्या कर दी। सबसे डराने वाली सच्चाई इस घटना में न कोई जीता न वह युवक, जिसकी जिंदगी शुरू होने से पहले खत्म हो गई,
और न वह किशोरी, जिसका भविष्य एक पल में अंधकार में चला गया……
कटनी।। थाना रीठी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खम्हरिया में घटित अंधी हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। यह मामला न केवल एक युवक की दर्दनाक मौत का है, बल्कि उस असमझ और आवेगपूर्ण क्षण का भी प्रतीक है, जिसने दो परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। 11 फरवरी 2026 को थाना रीठी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम खम्हरिया में सुनील भुमिया 19 वर्ष , निवासी ग्राम परसवाहा थाना विजयराघवगढ़, की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मर्ग क्रमांक 11/26 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश कुमार मिश्रा द्वारा स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। एफएसएल टीम की जांच एवं शव के पोस्टमार्टम उपरांत डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मृत्यु गला घोंटे जाने से हुई है। इसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 85/26 धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। विवेचना के दौरान सामने आया कि मृतक सुनील भुमिया 10 फरवरी 2026 की रात अपनी होने वाली ससुराल आया था। शराब सेवन के बाद उसका अपनी मंगेतर {{विधि विरुद्ध बालिका}} से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर बालिका ने बिजली के तार से सुनील का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में विधि विरुद्ध बालिका को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
एक छोटा सा विवाद,गुस्से और असमझदारी में ऐसा अपराध बन गया,जिसने एक युवक की जान ले ली और एक किशोरी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। दोनों की शादी तय थी, सपने संजोए जा रहे थे… लेकिन एक पल का आवेश ज़िंदगी और भविष्य दोनों निगल गया। जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहाँ मातम पसरा है। जिस रिश्ते को जीवन भर निभाना था, वह एक रात में खत्म हो गया।