अवैध कॉलोनाइजरों पर निगम का करारा प्रहार, तीन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई शुरू निगमायुक्त की सख्ती से अवैध कॉलोनी माफिया में हड़कंप, कानून उल्लंघन पर अब सीधे आपराधिक कार्रवाई

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अवैध कॉलोनाइजरों पर निगम का करारा प्रहार, तीन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई शुरू
निगमायुक्त की सख्ती से अवैध कॉलोनी माफिया में हड़कंप, कानून उल्लंघन पर अब सीधे आपराधिक कार्रवाई
कटनी।। शहर में अवैध कॉलोनी निर्माण के विरुद्ध नगर निगम प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए तीन कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्राथमिकी एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को सीधे आपराधिक दंड का सामना करना पड़ेगा।
निगमायुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर नगर निगम के कॉलोनी सेल एवं अतिक्रमण अमले द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि शहर के विभिन्न वार्डों में बिना वैधानिक स्वीकृति, लेआउट अनुमोदन और आधारभूत सुविधाओं के अवैध कॉलोनियों का विकास किया जा रहा है। इसी के चलते तीन गंभीर प्रकरणों में थाना कोतवाली एवं थाना माधवनगर को एफआईआर दर्ज करने हेतु विधिवत पत्र प्रेषित किए गए हैं।
कानून की अनदेखी पर अब सीधे आपराधिक कार्रवाई
निगम के अधिकृत अधिकारियों के अनुसार, संबंधित कॉलोनाइजरों द्वारा निजी भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण, प्लॉट कटिंग एवं कॉलोनी विकास किया गया, जो मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 एवं मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम 2021 के तहत दंडनीय अपराध है। इन प्रकरणों को गंभीर मानते हुए नगर निगम ने केवल निर्माण हटाने तक सीमित न रहते हुए एफआईआर की सिफारिश की है, जो अपने आप में एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक संदेश है।
निगमायुक्त का स्पष्ट संदेश अब कोई रियायत नहीं
निगमायुक्त सुश्री परिहार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शहर में अवैध कॉलोनियों का विकास, नियमों से खिलवाड़ और आम नागरिकों को भ्रमित कर प्लॉट बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में निरंतर अभियान चलाकर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह निर्माण ध्वस्तीकरण हो या आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना।
प्राधिकृत अधिकारी कालोनी सेल एवं कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह ने बताया कि अवैध काॅलोनी निर्माण करने पर मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 एवं (मध्यप्रदेश कालोनी विकास नियम 2021) के तहत मंगलवार को तीन कालोनाइजर पर प्राथमिकी दर्ज करनें हेतु थाना प्रभारी कोतवाली एवं माधवनगर को पत्र प्रेषित किया गया है। जिसमें कोतवाली थाना को प्रेषित दो पत्रों में सावरकर वार्ड अंतर्गत खसरा नंबर 607/8क, 607/5, 603, 605, 606/1, तथा 606/2 कुल रकवा लगभग 1.50 एकड़ भूमि में भू-स्वामी द्वारा लगभग 200 मीटर लंबी सड़क मलमा तथा डस्ट डालकर अवैध काॅलानी का निर्माण किया जाना पाया गया। वहीं एक अन्य प्रकरण में जगमोहन दास वार्ड चडडा काॅलेज के पीछे खसरा नंबर 462/7, 463/19 एवं 464/5 कुल रकवा 0.633 हेक्टेयर भूमि में अनाधिकृत कालोनी का निर्माण किया जाना पाया गया जो मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम 292-ग के तहत दंडनीय अपराध श्री श्रेणी मे आता है।
वहीं एक अन्य प्रकरण में थाना माधवनगर को प्राथमिकी दर्ज करने हेतु प्रेषित पत्र में उल्लेखित किया गया है कि विश्राम बाबा वार्ड अंतर्गत खसरा नंबर 1401/2/1, 1401/2 भूमि पर भू-स्वामी द्वारा छोटे-छोटे भूखंड काटकर अवैध कालोनी का निर्माण किया जाना पाया गया, जो मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 एवं मध्य प्रदेश (कॉलोनी विकास नियम 2021) के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। निगमायुक्त सुश्री परिहार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शहर में अवैध कॉलोनियों का विकास एवं अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में निरंतर अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों के लिए चेतावनी और अपील
नगर निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से भी स्पष्ट अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट या संपत्ति क्रय करने से पूर्व उसकी वैधानिक स्वीकृति, लेआउट अनुमोदन और मूलभूत सुविधाओं की पूरी जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में कानूनी जटिलताएं, निर्माण प्रतिबंध और मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बड़ा प्रशासनिक संदेश
तीन कॉलोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु पत्र प्रेषित किया जाना यह दर्शाता है कि नगर निगम अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि कानून के पूरे बल के साथ कार्रवाई कर रहा है। यह कदम अवैध कॉलोनी कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

 

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