तुमान-अमझर-डुमरमुड़ा सड़क जर्जर: लाखों खर्च के बाद भी अधूरा निर्माण, पैचवर्क से हो रही खानापूर्ति
फैज मोहम्मद कोरबा जिला रिपोर्टर
कोरबा/ तुमान -क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क तुमान से अमझर होते हुए डुमरमुड़ा ग्राम तक जाती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का निर्माण “मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना (RIDF प्रोजेक्ट)” के तहत वर्ष 2015 में प्रारंभ किया गया था और 2016 में पूर्ण बताया गया। निर्माण में लगभग 148.84 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
लेकिन निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे और आज स्थिति यह है कि तुमान से अमझर तक सड़क का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
हाल ही में इस सड़क पर दोबारा काम शुरू किया गया है, लेकिन पूरी सड़क को दोबारा बनाने की बजाय केवल पैचवर्क (गड्ढों को भरने) का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह काम लापरवाही पूर्वक और अस्थायी समाधान के रूप में किया जा रहा है, जिससे कुछ समय बाद सड़क फिर खराब हो जाएगी।
स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब बात अमझर से डुमरमुड़ा के बीच की आती है। इस हिस्से में आज भी कच्चा रास्ता है और अब तक इसका डामरीकरण नहीं किया गया है।
बरसात के समय यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे गांवों का संपर्क टूट जाता है।
🚸 ग्रामीणों की परेशानी:
बरसात में आवागमन पूरी तरह बाधित
स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी दिक्कत
बीमार और इमरजेंसी मरीजों को अस्पताल ले जाने में परेशानी
किसानों और आम लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस सड़क का तुमान से अमझर होते हुए डुमरमुड़ा तक पूरी तरह डामरीकरण कर दिया जाए, तो आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन सुगम हो जाएगा।
📢 ग्रामीणों की मांग:
पूरी सड़क का पुनः निर्माण (री-कार्पेटिंग) किया जाए
अमझर से डुमरमुड़ा तक पक्की सड़क बनाई जाए
घटिया निर्माण और लापरवाही की जांच हो
संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
यदि प्रशासन जल्द ठोस कदम नहीं उठाता है, तो यह सड़क आने वाले समय में और भी खराब हो सकती है, जिससे हजारों लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।