जर्जर चार मंजिला अग्रवाल बिल्डिंग का हिस्सा गिरा, 70 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत लगातार बारिश के बीच जर्जर भवनों पर कार्रवाई को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
जर्जर चार मंजिला अग्रवाल बिल्डिंग का हिस्सा गिरा, 70 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत
लगातार बारिश के बीच जर्जर भवनों पर कार्रवाई को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कटनी। रंगनाथ थाना क्षेत्र में तारा मोटर्स बजाज एजेंसी के सामने स्थित अग्रवाल बिल्डिंग में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दर्दनाक हादसा हो गया। लंबे समय से जर्जर बताई जा रही चार मंजिला इमारत का क्षतिग्रस्त हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे की चपेट में आने से भवन में निवास कर रहे 70 वर्षीय प्रेमलाल गड़ारी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मृतक प्रेमलाल गड़ारी, पिता लूसन प्रसाद गड़ारी, ग्राम पिलोजी, थाना कुठला निवासी थे और अग्रवाल के यहां मैनेजर के रूप में कार्य करते थे। बताया जा रहा है कि वह इसी जर्जर भवन में रहते थे। रोजाना की तरह वह शौच के लिए भवन में बने शौचालय की ओर गए थे। इसी दौरान जर्जर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया और प्रेमलाल गड़ारी भी मलबे में दब गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


वर्षों से जर्जर बताई जा रही है इमारत
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार अग्रवाल बिल्डिंग काफी समय से जर्जर स्थिति में है। भवन का बारजा और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि इसी भवन में इससे पहले भी हादसा हो चुका है और यह लगातार दूसरी घटना है जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की जर्जर भवनों को लेकर की जाने वाली कार्रवाई पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में पहले से कमजोर और जर्जर भवनों की स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में जर्जर भवनों को चिन्हित कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
बारिश में बढ़ा खतरा, तत्काल सर्वे की जरूरत
लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में पुराने और क्षतिग्रस्त भवनों के लिए खतरा और बढ़ गया है। अग्रवाल बिल्डिंग जैसी चार मंजिला जर्जर इमारत के मामले में हादसे के बाद यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या शहर में ऐसे सभी भवनों का समय रहते सर्वे किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम शहर के सभी जर्जर एवं खतरनाक भवनों को तत्काल चिन्हित करे और नियमानुसार भवन मालिकों को नोटिस देकर आवश्यक सुरक्षा कार्रवाई सुनिश्चित करे। जहां भवन मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं, वहां नियमानुसार उन्हें खाली कराने अथवा सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े। एक बुजुर्ग की जान जाने के बाद अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन केवल हादसे के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शहर में मौजूद अन्य जर्जर भवनों की भी तत्काल जांच कर संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।