रात की टक्कर के बाद सड़क पर खड़ा रहा मौत का सामान, सुबह बाइक सवार की जान गई

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चचाई-अमलाई स्टेट हाईवे पर हादसा: कोयले से लदा ट्रक बीच सड़क पर खड़ा रहा, नाइट शिफ्ट से लौट रहे 20 वर्षीय विवेक सिंह की ट्रक में जा घुसी बाइक

रात 3:30 बजे दो ट्रकों की भिड़ंत के बाद नहीं हटाया गया क्षतिग्रस्त ट्रक, सुबह करीब 5:30 बजे हुआ दूसरा हादसा; पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

अनूपपुर। चचाई थाना क्षेत्र के अमलाई से चचाई जाने वाले स्टेट हाईवे पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क पर रातभर खड़े रहे क्षतिग्रस्त ट्रक, यातायात सुरक्षा और जिम्मेदार तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

पहले दो ट्रकों की भिड़ंत

जानकारी के अनुसार रात करीब 3:30 बजे अमलाई-चचाई मार्ग पर कोयले से लदे ट्रकों की भिड़ंत हुई। टक्कर के बाद CG10B18799 नंबर का ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मुख्य मार्ग पर ही खड़ा रह गया। ट्रक के सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त था और शीशे भी टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं। हादसे में दूसरे ट्रक के चालक को अधिक चोट नहीं आई और वह दुर्घटना के बाद अपने गंतव्य की ओर चला गया।

न हटाया गया ट्रक बना दूसरा हादसा

सबसे गंभीर सवाल इसके बाद खड़ा होता है। दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क से किनारे कराने या वहां पर्याप्त चेतावनी व्यवस्था करने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। रातभर ट्रक मुख्य मार्ग पर खड़ा रहा और सुबह अंधेरे में नाइट शिफ्ट पूरी कर घर लौट रहा युवक इसी ट्रक की चपेट में आ गया।

नाइट शिफ्ट से लौट रहा था विवेक

चचाई थाना क्षेत्र के विवेक नगर कोयला कॉलोनी निवासी विवेक सिंह पिता स्व. जीत राज सिंह, उम्र 20 वर्ष, रोज की तरह ओरिएंट पेपर मिल में नाइट शिफ्ट की ड्यूटी पूरी कर दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था। उसकी बाइक का नंबर MP65Z B0124 है। सुबह करीब 5:20 से 5:30 बजे के बीच बाइक सड़क पर खड़े ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि विवेक गंभीर रूप से घायल हो गया।

112 पहुंची, अस्पताल में तोड़ा दम

घटना के बाद रास्ते से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने 112 पर सूचना दी। चचाई पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल विवेक को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घर का इकलौता सहारा था विवेक

विवेक के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। बताया जा रहा है कि वह परिवार का इकलौता सहारा था और उसी की कमाई से घर चलता था। एक सड़क हादसे ने परिवार से वह युवा सहारा छीन लिया, जो रातभर काम करने के बाद सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद में निकला था।

जीपीएस ने भी ट्रक की गतिविधि बताई

मौके पर सामने आई जीपीएस स्क्रीन में CG10B18799 ट्रक का विवरण दिखाई देता है। स्क्रीन पर सुबह 4:52 बजे का अपडेट, करीब 22 किलोमीटर की यात्रा तथा अनूपपुर जिले के एनएच-43 क्षेत्र से संबंधित लोकेशन दर्ज दिखाई देती है। ऐसे में ट्रक की आवाजाही और दुर्घटना के बाद उसकी स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

सुबह 9 बजे तक सड़क पर बना रहा खतरा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि युवक को अस्पताल भेजे जाने के बाद भी सुबह करीब 9 बजे तक क्षतिग्रस्त ट्रक मौके पर ही खड़ा रहा और पुलिसकर्मी दोबारा मौके पर नजर नहीं आए। इससे मार्ग से गुजरने वाले वाहन लगातार जोखिम में रहे।

अब सबसे बड़ा सवाल

यदि रात में हुई पहली टक्कर के तत्काल बाद ट्रक को सड़क से हटवा दिया जाता, अथवा बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाते, तो क्या सुबह विवेक की बाइक उस खड़े ट्रक से टकराती। यह सवाल अब परिवार ही नहीं, पूरे इलाके के लोग पूछ रहे हैं। हादसे की जिम्मेदारी तय करने के साथ यह भी जांच जरूरी है कि पहली दुर्घटना के बाद सड़क सुरक्षा के लिए तत्काल कदम क्यों नहीं उठाए गए।

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