पराईकाँप में अवैध मुरूम उत्खनन का खुलासा, मौके से पोकलेन मशीन जब्त उत्खनन स्थल पर मिला बड़ा गड्ढा, कार्रवाई के दौरान मौके पर नहीं मिला चालक, खनिज विभाग ने मशीन रेमंड प्लांट परिसर में रखवाई
पराईकाँप में अवैध मुरूम उत्खनन का खुलासा, मौके से पोकलेन मशीन जब्त
उत्खनन स्थल पर मिला बड़ा गड्ढा, कार्रवाई के दौरान मौके पर नहीं मिला चालक, खनिज विभाग ने मशीन रेमंड प्लांट परिसर में रखवाई
कटनी। जिले में मुरूम सहित गौण खनिजों के अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बड़वारा तहसील के ग्राम पराईकाँप में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अवैध मुरूम उत्खनन का मामला सामने आया। मौके पर उत्खनन से बना बड़ा गड्ढा मिलने के साथ ही खुदाई में इस्तेमाल की जा रही जेसीबी कंपनी की एक्सकेवेटर (पोकलेन) मशीन खड़ी मिली। मौके पर चालक या अन्य किसी व्यक्ति के मौजूद नहीं होने पर खनिज विभाग की टीम ने मशीन जब्त कर ली।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के बाद जब्त मशीन को सुरक्षा की दृष्टि से समीप स्थित रेमंड प्लांट परिसर में रखवाया गया है। खनिज विभाग ने मामले में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियमों तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
बड़ा गड्ढा मिला, जांच में सामने आएंगे उत्खनन के तथ्य
पराईकाँप में निरीक्षण के दौरान मिला बड़ा गड्ढा अवैध उत्खनन की आशंका को सामने लाता है। हालांकि, उत्खनन कितने क्षेत्र में किया गया, मुरूम की कितनी मात्रा निकाली गई और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका है, इन बिंदुओं की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही उत्खनन की वास्तविक मात्रा, जिम्मेदार व्यक्तियों और संभावित आर्थिक नुकसान का आकलन स्पष्ट हो सकेगा।
खनिज विभाग की टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा एवं कमलकांत परस्ते, खनिज निरीक्षक प्रज्ञा सहित विभागीय अमला मौजूद रहा।
अब निगाहें आगे की कार्रवाई पर: अवैध उत्खनन के मामलों में केवल मशीन जब्त करना ही नहीं, बल्कि उत्खनन की मात्रा का आकलन, जिम्मेदारों की पहचान और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है। पराईकाँप मामले में जांच के निष्कर्ष और विभाग की अगली कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि अवैध उत्खनन के इस प्रकरण में कितनी जवाबदेही तय होती है।