पहले मंजूरी, फिर छुट्टी; वरना कटेगा वेतन
निर्धारित प्रारूप में ही देना होगा अवकाश का आवेदन, व्हाट्सएप या एसएमएस पर सूचना देना पर्याप्त नहीं
शहडोल। शासकीय कार्यालयों में बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के अवकाश पर जाने और व्हाट्सएप के माध्यम से छुट्टी का आवेदन भेजने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने सख्त आदेश जारी किया है। 16 अक्टूबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सक्षम अधिकारी से पूर्व स्वीकृति प्राप्त किए बिना अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वेतन कटौती के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
व्हाट्सएप पर आवेदन भेजने की व्यवस्था पर रोक
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संज्ञान में आया है कि कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति प्राप्त किए अवकाश पर चले जाते हैं। इसके अलावा, अवकाश के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करने के बजाय सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन भेजे जा रहे हैं। इसे शासकीय कार्यों की गरिमा एवं अनुशासन के विपरीत मानते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आकस्मिक अवकाश सहित किसी भी प्रकार के अन्य अवकाश पर जाने से पहले सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। केवल व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से सूचना भेज देने अथवा मौखिक रूप से जानकारी देने को अवकाश की स्वीकृति नहीं माना जाएगा।
निर्धारित प्रारूप में ही देना होगा आवेदन
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अवकाश के लिए आवेदन हमेशा निर्धारित प्रारूप में ही प्रस्तुत किया जाए। व्हाट्सएप, एसएमएस अथवा मौखिक सूचना के आधार पर अवकाश मान्य नहीं होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालयीन अनुशासन बनाए रखने के साथ शासकीय कार्यों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना है।
बिना मंजूरी अनुपस्थित रहे तो ‘नो वर्क, नो पे’
आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वेतन कटौती से जुड़ा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के अवकाश पर अनुपस्थित पाया जाता है, तो संबंधित अवधि को ‘नो वर्क, नो पे’ यानी ‘न काम, न वेतन’ के सिद्धांत के तहत माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित अनुपस्थिति अवधि का वेतन काटा जाएगा। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।