मां जगदंबा की भक्ति में डूबा बारडोली , जयकारों से गूंजा शहर, मां के दरबार में शीश नवाकर भक्तों ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दुर्गाष्टमी पर सड़कों से मंदिरों तक दिखी आस्था की अनुपम छटा, जगह-जगह सजे माता के दरबार, भंडारों में सेवा और देवी जागरण में गूंजे भक्ति के स्वर

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मां जगदंबा की भक्ति में डूबा बारडोली , जयकारों से गूंजा शहर, मां के दरबार में शीश नवाकर भक्तों ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
दुर्गाष्टमी पर सड़कों से मंदिरों तक दिखी आस्था की अनुपम छटा, जगह-जगह सजे माता के दरबार, भंडारों में सेवा और देवी जागरण में गूंजे भक्ति के स्वर
कटनी। मां दुर्गा की आराधना, अटूट श्रद्धा और विश्वास के पावन पर्व शारदेय नवरात्र की दुर्गाष्टमी पर सोमवार को पूरा कटनी शहर भक्तिरस में सराबोर नजर आया। चारों ओर मां जगदंबा के जयकारों की गूंज, मंदिरों में उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़, सजे-धजे दुर्गा पंडाल और भक्ति संगीत से गूंजता वातावरण इस बात का साक्षी बना कि मां के प्रति भक्तों की आस्था कितनी गहरी और अटूट है। मां के दरबार में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली, आरोग्य तथा जीवन में सुख-शांति की कामना की।
दुर्गाष्टमी का दिन देवी उपासना की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने वाले भक्तों को मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके जीवन में साहस, शक्ति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी विश्वास के साथ सुबह से ही शहर के मंदिरों और दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। दिन चढ़ने के साथ भक्तों की भीड़ बढ़ती गई और शाम होते-होते शहर के अनेक धार्मिक स्थल आस्था के केंद्र बन गए।

मां के दरबार में झुके शीश, हर मन में दिखी श्रद्धा
सुभाष चौक, झंडा बाजार, सराफा बाजार, शेर चौक, आजाद चौक, घंटाघर और जगन्नाथ चौक सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। आकर्षक सजावट और विद्युत रोशनी से जगमगाते पंडालों में मां के दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही। परिवार सहित पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद मांगा।
प्रसिद्ध जालपा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी भक्तों की उपस्थिति दिखाई दी। किसी ने परिवार की खुशहाली की कामना की तो किसी ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना की। मां के दरबार में हर भक्त अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ पहुंचा। मानो हर मन में यही भाव था कि मां जगदंबा की कृपा बनी रहे और जीवन की हर कठिन परिस्थिति का सामना करने की शक्ति मिलती रहे।

भक्ति के साथ सेवा का संदेश, भंडारों में बांटा प्रसाद
दुर्गाष्टमी पर शहर के विभिन्न मोहल्लों और दुर्गा उत्सव समितियों की ओर से भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और सेवा कार्यों में जुटे लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। भंडारों में लोगों की सहभागिता ने धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को भी मजबूत किया।
नवरात्र का यह पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें जरूरतमंदों की सेवा करने, एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा भी देता है। भंडारों में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालुओं और सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं के बीच यही भावना दिखाई दी कि मां की सच्ची आराधना में मानव सेवा का भी विशेष स्थान है।

देवी जागरण और भजनों से गूंजे माता के दरबार
शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में देवी जागरण, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मां दुर्गा की महिमा का गुणगान करते भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मां की स्तुति, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु देर शाम तक माता की आराधना में लीन रहे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। आकर्षक पंडालों, जगमगाती रोशनी और भक्ति संगीत के बीच ऐसा वातावरण बना, जिसमें श्रद्धा और उल्लास का सुंदर संगम दिखाई दिया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता और मन में मां के प्रति विश्वास की झलक साफ नजर आई।

माधवनगर से एनकेजे तक मां की भक्ति में डूबे श्रद्धालु
कटनी शहर के साथ माधवनगर, एनकेजे, लखेरा और आयुध निर्माणी सहित उपनगरीय क्षेत्रों में भी दुर्गाष्टमी की धूम रही। विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में धार्मिक कार्यक्रमों और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की। श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ नवरात्र पर्व में सहभागी बने। दुर्गाष्टमी के अवसर पर कटनी में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सेवा भावना का भी अद्भुत दृश्य देखने को मिला। जगह-जगह सजे मां के दरबार और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।

मां दुर्गा के प्रति यही अटूट विश्वास भक्तों की सबसे बड़ी शक्ति है। नवरात्र का पर्व हमें संदेश देता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, श्रद्धा, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का साहस बनाए रखना चाहिए। मां जगदंबा से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा सभी पर बनी रहे, हर घर में सुख-शांति और समृद्धि आए, दुखों का नाश हो तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना मजबूत हो। दुर्गाष्टमी पर मां के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब इसी विश्वास का प्रतीक बना कि भक्त और भगवान का संबंध केवल परंपरा नहीं, बल्कि मन की गहराइयों से जुड़ी आस्था है। मां के जयकारों से गूंजता कटनी शहर देर रात तक भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा रहा।

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