कालिका नृत्य के बीच मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई, इंदिरा नगर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
अखण्ड प्रताप सिंह की रिपोर्ट
शहडोल। जिले के नगर परिषद बकहो अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 स्थित इंदिरा नगर अमलाई में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान भक्ति, आस्था और शक्ति उपासना का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद जब मां दुर्गा को विदाई देने का समय आया, तो श्रद्धालु भावुक नजर आए। इस दौरान कालिका स्वरूप धारण कर किए जा रहे पारंपरिक नृत्य ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। माता के दर्शन और विसर्जन यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही।
कालिका नृत्य बना आकर्षण का केंद्र
माता की प्रतिमा विसर्जन के दौरान कालिका स्वरूप में नृत्य करते श्रद्धालु लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
पारंपरिक अंदाज में किए जा रहे इस नृत्य के बीच भक्त मां दुर्गा की आराधना करते हुए उन्हें भावपूर्ण विदाई दे रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा और मां काली को शक्ति, साहस तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में कालिका स्वरूप का यह नृत्य शक्ति उपासना और स्थानीय धार्मिक परंपरा की झलक प्रस्तुत कर रहा है।
नौ दिनों की आराधना के बाद मां को विदाई
नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। अब विसर्जन के अवसर पर भक्त पूरे श्रद्धाभाव से मां को विदाई दे रहे हैं। पूजा-पाठ और पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों के बीच वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर जहां उत्साह और आस्था का प्रतीक है, वहीं मां की विदाई का क्षण भावुक करने वाला भी है।
आस्था और परंपरा का संगम
इंदिरा नगर अमलाई में माता विसर्जन का यह दृश्य धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश कर रहा है। कालिका नृत्य के माध्यम से मां शक्ति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते भक्तों के बीच उत्साह दिखाई दे रहा है। नौ दिनों तक चले नवरात्रि पर्व का समापन मां की प्रतिमा के विसर्जन के साथ हो रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं के मन में मां के प्रति विश्वास और भक्ति का भाव बना हुआ है।