कोतमा–बिजुरी रोड पर आम के पेड़ के नीचे कथित जुए का फड़! मोबाइल जमा, निगरानी सख्त; पुलिस की भूमिका और सियासी चुप्पी पर सवाल
अनूपपुर। दीपावली से पहले कोतमा क्षेत्र में कथित जुए के फड़ों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पहले खुले मैदान में चटाई बिछाकर जुआ खेले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब कोतमा–बिजुरी रोड पर करीब छह किलोमीटर आगे पुलिया के समीप आम के पेड़ के नीचे कथित जुआ फड़ संचालित होने के आरोप सामने आए हैं। इस बार कथित तौर पर ऐसी सावधानियां बरतने की बात कही जा रही है, जिससे मौके पर पहुंचने वाले लोग वीडियो न बना सकें और गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया तक न पहुंचे।
मोबाइल जांच के बाद बैठने की अनुमति देने का दावा
स्थानीय स्तर पर हो रही चर्चाओं के मुताबिक, कथित फड़ पर बैठने से पहले लोगों के मोबाइल फोन चेक किए जाते हैं और उन्हें अलग रखवा दिया जाता है। आरोप है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वीडियो बनाने और लोकेशन पुलिस तक पहुंचने की आशंका को रोकना है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कथित फड़ पर वास्तव में क्या गतिविधियां हो रही हैं, इसकी पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी।
कई क्षेत्रों के लोगों के पहुंचने की चर्चा
कथित जुआ फड़ की व्यवस्था और वित्तीय लेनदेन को लेकर स्थानीय चर्चाओं में लहसुई के जाकिर, बदरा के सुधीर और अतुल, कोतमा के सूरज, पकरिया के नीलेश, खोड़री के पंडित जी, विचारपुर के महाराज, बिजुरी के कृष्णा, मिनटा, बल्लू, सागीर और पेंड्रा के शुभम के नाम लिए जा रहे हैं। इन लोगों की कथित भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आना भी बाकी है।
पार्षद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं
इस पूरे मामले में कोतमा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 के पार्षद दीपू सोनी का नाम भी चर्चा में है। आरोप लगाया जा रहा है कि उनके नेतृत्व में कथित जुआ फड़ संचालित हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि दीपू सोनी भाजपा की टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष बनने की तैयारी में हैं। यह दावा भी किया जा रहा है कि उन्हें मंत्री स्तर से समर्थन प्राप्त है और टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई जा सकती है। हालांकि, टिकट, समर्थन और कथित संरक्षण से जुड़े इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना जरूरी है।
कोतमा थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में कोतमा थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय चर्चाओं में आरोप है कि पुलिस को कथित फड़ की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस की ओर से कथित तौर पर हरी झंडी मिलने की बातें भी कही जा रही हैं, लेकिन इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
एक अन्य चर्चा में यह सवाल उठाया जा रहा है कि थाना प्रभारी दूसरे थाना क्षेत्र में सूचना मिलने पर अंजनी के बाड़े तक पहुंच गए थे, लेकिन अपने ही कोतमा थाना क्षेत्र में कथित जुआ फड़ पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ रही है? यह आरोप जांच का विषय है। पुलिस की वास्तविक जानकारी, निगरानी और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
कांग्रेस की चुप्पी भी चर्चा में
इस क्षेत्र से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और कांग्रेस के विधायक रह चुके जनप्रतिनिधि का जुड़ाव होने के बावजूद इस मुद्दे पर कथित चुप्पी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से तेजतर्रार माने जाने वाले कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार है। हालांकि, किसी राजनीतिक दल की चुप्पी को संरक्षण या मिलीभगत का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
पुराने वायरल वीडियो के बाद फिर सवाल
गौरतलब है कि इससे पहले भी कोतमा क्षेत्र में खुले मैदान में चटाई बिछाकर कथित तौर पर जुआ खेले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबर सामने आई थी। उस समय पार्षद दीपू सोनी, कथित पूर्व मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन और एक बड़े भाजपा नेता के संरक्षण को लेकर चर्चाएं हुई थीं। इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
अब नए दावों के बीच सवाल यही है कि क्या पुलिस कथित फड़ की वास्तविकता सामने लाकर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी, या मामला चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? जुआ फड़ के संचालन, मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था, कथित वित्तीय भूमिका और राजनीतिक संरक्षण के दावों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।