CM के शहडोल दौरे से पहले सियासी हलचल तेज, काले झंडे दिखाने का ऐलान करने वाले कांग्रेसी डिटेन

धनपुरी, बुढ़ार और अमलाई में पुलिस की कार्रवाई, महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विरोध की थी तैयारी
शहडोल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल दौरे से पहले जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का ऐलान करने वाले कांग्रेसियों को पुलिस ने डिटेन किया है। जानकारी के अनुसार, धनपुरी, बुढ़ार और अमलाई थाना क्षेत्रों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले हुई इस कार्रवाई ने जिले के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
कांग्रेसियों ने महंगाई, भ्रष्टाचार और जिले में बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के सामने विरोध दर्ज कराने की घोषणा की थी। इसी क्रम में काले झंडे दिखाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती और विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया।
तीन थाना क्षेत्रों में पुलिस की कार्रवाई
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले धनपुरी, बुढ़ार और अमलाई पुलिस सक्रिय नजर आई। इन थाना क्षेत्रों से कांग्रेसियों को डिटेन किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं को अपने साथ ले जाते हुए देखा गया। घटनास्थल की तस्वीरों में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हलचल दिखाई दे रही है। कुछ कार्यकर्ता काले कपड़े लहराते और राजनीतिक तस्वीर हाथ में लिए नजर आए।
पुलिस की इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, डिटेन किए गए सभी कार्यकर्ताओं की संख्या, उनकी पहचान और आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
विकास कार्यों के कार्यक्रम के बीच विरोध की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम में तेंदूपत्ता बोनस वितरण के साथ करीब 400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण का कार्यक्रम शामिल बताया गया है। प्रशासन मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियों में जुटा है, वहीं कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध का रास्ता चुना।
दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
एक ओर सरकार के विकास कार्यों और तेंदूपत्ता बोनस वितरण का कार्यक्रम है, तो दूसरी ओर कांग्रेस महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के सवाल उठाकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में थी। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई दौरे से पहले चर्चा का विषय बन गई है।
अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री के शहडोल दौरे और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस अपने विरोध को लेकर आगे क्या कदम उठाती है और पुलिस द्वारा डिटेन किए गए कार्यकर्ताओं के संबंध में प्रशासन की ओर से क्या जानकारी जारी की जाती है।