जहां आज लगता था मेला, वहां पसरा सन्नाटा और यहां उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां
(अनिल तिवारी)
शहडोल। आजादी के बाद शायद आज 15 अगस्त 2020 का यह दिन अपने आप में ऐतिहासिक होगा, जहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर न तो कार्यक्रमों का आयोजन हुआ और न हीं आम लोगों के मन में स्वतंत्रता दिवस को लेकर पहले जैसा उत्साह ही दिखा।
शहडोल संभागीय मुख्यालय का ऐतिहासिक महात्मा गांधी स्टेडियम जहां 15 अगस्त और 26 जनवरी दोनों ही राष्ट्रीय पर्वों पर सुबह से ही मेला लगा रहता था,2 से 3 दिन पहले ही अधिकारी व्यवस्था की तैयारियों को अंजाम देते थे और स्थानीय विद्यालयों सहित समाजसेवी संगठनों के लोग तथा बच्चे यहां अपनी प्रस्तुतियां देते थे।

कोरोना संक्रमण काल के कारण जिला प्रशासन ने सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया था,यही नहीं जिला दंडाधिकारी द्वारा इस संदर्भ में पहले ही समाचार पत्रों के माध्यम से जिले भर में स्थित सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई थी,जिस कारण आज महात्मा गांधी स्टेडियम में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन दूसरी तरफ यह बात भी सामने आई कि शहडोल रेलवे स्टेशन के प्रांगण में रेलवे अधिकारियों द्वारा यहां ध्वजारोहण का सार्वजनिक तौर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चों को आमंत्रित किया गया था, वहीं स्थानीय जन, समाजसेवी व रेलवे से जुड़े वर्दीधारी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
हालांकि अधिकांश लोगों ने यहां सोशल डिस्टेंस के नियमों के तहत मास्क लगाए हुए थे, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम का आयोजन और उसी शहर में इस स्थान से लगभग एक किलोमीटर दूर जिले का गौरव माने जाने वाले महात्मा गांधी स्टेडियम के कार्यक्रम का ना होना चर्चा में बना हुआ है,आम लोगों में चर्चा है कि जिले में 2 नियम लागू है,एक जगह कार्यक्रम पूरे हर्षोल्लास और पुराने रिवाज़ो से मनाया जा रहा था, वहीं महात्मा गांधी स्टेडियम में भी स्टेशन की तरह से क्या कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकता था, यदि महात्मा गांधी स्टेडियम में कार्यक्रम के आयोजन के कोरोना के फैलने का भय था, तो रेलवे क्षेत्र में मनाए गए कार्यक्रम से कोरोनावायरस के फैलने की आशंका नहीं थी क्या…?? लोगों ने यह भी कहा कि स्टेडियम में कार्यक्रम नही तो कम से कम इस ऐतिहासिक स्थान पर नगर पालिका या जिला प्रशासन के जिम्मेदार राष्ट्रीय ध्वज तो फहरा ही सकते थे।