आखिरकार भष्ट्राचारी डीएमओ को किया गया निलंबित

टारगेट में सीएमएचओ उमरिया भी
उमरिया। बीते एक दशक से अपनी कुर्सी पर मनमानी रुप से कार्य करने वाले मलेरिया अधिकारी दुर्गा प्रसाद पटेल को निलंबित कर दिया गया है, उसके बाद विभाग अब यह भी देख रहा है कि सैकड़ो शिकायतों के बाद भी विभाग के मुखिया व सीएमएचओ ने क्या कार्यवाही संपादित की है, जिसके बाद लापरवाह अधिकारियों पर विभाग की मार पड़ेगी। 17 फरवरी को आदेश जारी करते हुए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं म. प्र. ने कहा है कि 6 दिसम्बर 2020 से प्रारंभ की गई, एमडीए की गतिविधियों के दौरान राज्य स्तरीय पर्यवेक्षण दल द्वारा जिले भर में भ्रमण किया गया, जिसमें पाया गया कि संबंधित मलेरिया अधिकारी द्वारा शासन स्तर व स्थानीय कार्यक्रम बेहद घटिया स्तर का करने के कारण जिले में मलेरिया, हाथी पांव जैसी अन्य बीमारियों की जानकारी सही तरीके से न देने के कारण शासन की सोच पर बट्टा लगा है पत्र में कहा गया है कि आपके द्वारा प्रचार प्रसार नही करने के कारण डेंगू, मलेरिया व हाथी पांव के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होने के कारण यह सिद्ध होता है कि जिले में मलेरिया विभाग की कार्यशैली न के बराबर है॥ इन्ही सब कारणों के कारण मलेरिया अधिकारी दुर्गा प्रसाद पटेल को म. प्र. सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) के नियम 1966, के नियम 9(1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि मे श्री पटेल को मुख्यालय कार्यालय क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि मलेरिया अधिकारी की उदासीनता के कारण विभागीय कार्य व विभाग के कर्मचारी अनायाश ही परेशान होते थे साथ ही शासन के हर कार्यक्रम में विभाग सबसे पीछे की श्रेणी में खड़ा दिखाई देता था, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को भी कई बार नीचा दिखना पड़ा है।