भ्रष्टाचार एवं काली कमाई करने वाले शुक्ला पर कार्यवाही मांग

Created by madhuri gupta
ज्ञापन सौपते कर अभिभाषक संघ की अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग
अनूपपुर। कोतमा तहसील के खंड लेखक व अस्थाई कर्मचारी गजेंद्र शुक्ला को पद से पृथक किए जाने एवं उसके भ्रष्टाचार की जांच कर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में ज्ञापन सौप कर कार्यवाही मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख करते हुए लिखा कि कोतमा तहसील में कार्यरत खंड लेखक अस्थाई कर्मचारी गजेंद्र शुक्ला द्वारा पैसा लेकर भी नकल न दिये जाने की बात को लेकर अधिवक्ता दशरथ केवट को दिनांक 4 मार्च को रिकॉर्ड रूम के अंदर गाली गलौज कर मारपीट किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई जिस पर गजेंद्र शुक्ला के खिलाफ पुलिस थाना कोतमा में अपराध धारा 294,323,342,506,34 पंजीबद्ध किया गया है, अपने बचाव में गजेंद्र शुक्ला द्वारा प्रशासनिक दबाव में अधिवक्ता दशरथ केवट के विरुद्ध भी झूठा मुकदमा कायम करवाया गया है।
प्रभाव व प्रलोभन से संरक्षण
2.यह कि गजेंद्र शुक्ला द्वारा पूर्व में भी अधिवक्ता नंदकिशोर शर्मा एवं अधिवक्ता नीरज खरे के साथ मारपीट व गाली गलौज की गई थी तथा लोहे का रॉड लेकर मारने को दौड़ाया गया था तथा नकल बनाने का अनाप-शनाप पैसा ना दिए जाने पर अधिवक्ताओं व पक्षकारों से आए दिन अभद्रता व विवाद किया जाता है वही गजेंद्र शुक्ला शुक्ला खंड लेखक के पद पर अस्थाई कर्मचारी है, लेकिन तहसीलदारों एवं अधिकारियों को अपने प्रभाव व प्रलोभन में लेकर उनका संरक्षण प्राप्त कर तहसील अभिलेखागार का पूरा प्रभार अपने पास रखता है जो पुराने खसरा ,खतौनी, नामांत्रण पंजी व कंप्यूटर से खसरा बी वन आदि बनाने का सभी कार्य करता है तथा अधिकारियों की मिलीभगत से पुराने राजस्व अभिलेखों एवं कंप्यूटर के खसरा बी वन में तथा शासकीय भूमियों के रिकार्डों में छेड़छाड़ व कूट रचना करता है तथा शासकीय भूमि का पट्टा बनाने के नाम पर लोगों से लाखों लाखों रुपए की वसूली करता है एवं कई लोगों की भूमियों का अपने भाइयों और परिवार वालों के नाम पर फर्जी पट्टा भी बनवा लिया है।
काली कमाई से बनाया आलीशान घर
गजेंद्र शुक्ला अस्थाई कर्मचारी होते हुए बेखौफ होकर आम जनता का शोषण कर भ्रष्टाचार करता है तथा भ्रष्टाचार से करोड़ों रुपए की अवैध कमाई किया है एवं काली कमाई से कोतमा में आलीशान मकान बना लिया है तथा कोतमा में कई महँगे प्लाट खरीदा है तथा उसके पास कई वाहन भी हैं .उसकी एक बोलेरो कोतमा तहसील में तथा एक बोलेरो अनूपपुर तहसील में किराए पर लगी हुई है। गजेंद्र शुक्ला के भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के विरुद्ध शिकायत एवं ज्ञापन पूर्व में कई बार कलेक्टर महोदय तथा वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई किंतु उसके सामने सभी नतमस्तक होकर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं जिससे साबित होता है कि ऊपर से नीचे तक के अधिकारियों का उसे अवैध संरक्षण प्राप्त है, इसीलिए दिनों दिन उसका दुस्साहस बढ़ता जा रहा है तथा शासन -प्रशासन से आम जनता का विश्वास घटता जा रहा है .वह खुलेआम कहता है कि मेरा ऊपर से नीचे तक सेटिंग है अपनी कमाई का 50 परसेंट अधिकारियों को बांट देता हूं मेरा कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन के माध्यम से खंड लेखक गजेंद्र शुक्ला को तत्काल पद से पृथक किया जाकर इसके भ्रष्टाचार की एवं इसकी काली कमाई संपत्ति की अनूपपुर जिले के बाहर के अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराया जा कर दंडित करने की मांग की है। अन्यथा अधिवक्ता संघ उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा तथा कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।