अव्यवस्था की ओर बढता आईजीएनटीयू
संतोष कुमार केवट
मेनगेट, फाटक, सुरक्षाकर्मी और बाथरूम हो रहे शिकार वर्षो बाद भी जिम्मेंदारो को नही व्यवस्था की परवाह लाकडॉउन के पहले मुख्य द्वार पर लगा फाटक टूट गया था, गेट में पॉलिस का अभाव अभी भी दिखाई दे रहा है, शौचालय अब भी दुर्दशा के आंसू बहा रहे है, दो दीवारो के फांसलो में कचरे और गंदगी भरे हुए है, विद्यार्थी अपने घरो में है, लेकिन प्रबंधन व्यवस्था को सुधारने की वजाये उन्हे अनेदखा कर रही है।
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय लालपुर अमरकंटक को स्थापित हुए लगभग 13 वर्ष हो चुके है, इस बीच कई कारनामों ने जन्म लिया तो कई तरह से विवाद भी उत्पन्न हुए, लेकिन सफर सब कुछ चलता रहा है, वर्ष भर पहले मार्च में जब कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन किया गया तो सभी छात्रों को छात्रावास से घर की ओर रवाना कर दिया गया, अब भी छात्र विश्वविद्यालय में नही निवास कर रहे है, लेकिन व्यवस्था को संचालित करने वाले सभी शिक्षक एवं अकादमिक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद है पर व्यवस्था जस की तस पडी हुई है।
सुरक्षाकर्मियों की अनेदखी
विश्वविद्यालय प्रबंधन या फिर सुरक्षा कंपनी के ठेकेदार की लापरवाही के कारण आज भी मुख्यद्वार पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के लिए व्यवस्थित छाया नही है, एक छोटे से टपरे में 13 वर्षो से सुरक्षा कर्मी मुख्य द्वार में अपनी सेवाएं 24 घंटे दे रहे है, अभी तक न तो उनके लिए छायादार पहरा बनाया गया है और न ही पानी, धूप व ठंड से बचने के लिए कोई इंतजाम किया गया है, जिसके कारण सुरक्षाकर्मी उपेक्षित है।
पॉलिस के अभाव में मेनगेट
मुख्यद्वार पर लगे मेनगेट में पालिस न होने के कारण जंग लग रहा है, इतना ही नही ग्रीसिंग न होने के कारण जाम की स्थिति में चलने लगा है, जबकि समय पर मेंटेनेंश कराकर उसकी सुरक्षा की जा सकती थी, लेकिन अभी तक उस पर दोबारा पॉलिस की महक तक नही पहुंची है, यही हाल रहा तो फाटक की तरह मेनगेट टूट कर बिखर जायेगा।
शौचालय में गंदगी कायम

आईजीएनटीयू के विभिन्न विभागों में बने शौचालय में कुछ ही ऐसे शौचालय है जहां व्यवस्था प्रतिदिन दुरूस्त कर दी जाती है, लेकिन कुछ शौचालय आज भी संचालित व असंचालित है जहां की साफ-सफाई पर ध्यान नही दिया जा रहा है, छात्रों के न होने के कारण पूरी तरह से छात्रावास व अध्ययन कक्ष के शौचालय रिक्त पडे हुए है, प्रबंधन अगर ध्यान दे तो सभी व्यवस्था को दुरूस्थ कर सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा नही किया गया है।
गिर रहे दीवार से टाईल्स

विश्वविद्यालय के छात्रावासों के दीवारो में लगे टाईल्स अपने आप अपनी जगह छोड रहे है, दो ईमारतो की दीवारो के बीच में जो स्थान रिक्त है उसमें कचरे और गंदगी ने अपनी जगह बना ली है, इतना ही शौचालय के की दीवार पर लगा दरवाजे को बंद नही किया गया है, अगर खोला जाये तो सीधे दो ईमारतो के बीच का स्थान दिखाई देता है जिसमें अगर गलती से भी किसी का पैर गया तो वह वहां समा जायेगा।