सोन नदी में मिली खंडित बुद्ध प्रतिमा, पुरातात्विक महत्व को लेकर बढ़ी हलचल

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गिरीश राठौड़

  • सोन नदी में मिली खंडित बुद्ध प्रतिमा, पुरातात्विक महत्व को लेकर बढ़ी हलचल

 

अनूपपुर नगर स्थित सोन नदी के पुल के समीप कलेक्टर निवास के पास नदी के मध्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रखी गई भगवान बुद्ध की खंडित पुरातात्विक प्रतिमा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर संरक्षित कराया।

अनूपपुर। जिले के सोन नदी तट पर एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज सामने आई है, जहां भगवान बुद्ध की एक प्राचीन प्रतिमा खंडित अवस्था में प्राप्त हुई है। यह प्रतिमा दो भागों में विभाजित पाई गई, जिससे इसके साथ छेड़छाड़ या अवैध स्थानांतरण की आशंका व्यक्त की जा रही है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत जैतहरी के पंचायत सचिव अरुण द्विवेदी द्वारा इस संबंध में सूचना जिला पुरातत्व एवं पर्यटन समिति के सदस्य शशिधर अग्रवाल को दी गई। सूचना मिलते ही अग्रवाल ने पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग के प्रभारी उमेश पांडेय के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।

स्थल निरीक्षण के दौरान प्रतिमा को अत्यंत सावधानीपूर्वक बरबसपुर निवासी श्रीकांत पाण्डेय, मनोहर लाल एवं अन्य सहयोगियों की मदद से नदी से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर संरक्षित किया गया। प्रारंभिक दृष्टि में यह प्रतिमा प्राचीन शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रतीत होती है, जो क्षेत्र में बौद्ध संस्कृति के ऐतिहासिक प्रभाव की पुष्टि करती है।

विशेषज्ञों द्वारा संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह प्रतिमा अनूपपुर नगर के समीप ग्राम पंचायत परसवार अंतर्गत करहीवाह गांव के निकट स्थित ‘बाबामढ़ी’ नामक स्थल से संबंधित हो सकती है। यह स्थान कर्चुली कालीन पुरातात्विक अवशेषों के लिए जाना जाता है, जहां प्राचीन मंदिर संरचनाओं के चिह्न पूर्व से ही विद्यमान हैं।

फिलहाल, इस बात की जांच की जा रही है कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा इस प्रतिमा को मूल स्थल से हटाकर सोन नदी में क्यों और किन परिस्थितियों में रखा गया। पुरातत्व विभाग द्वारा प्रतिमा की काल-निर्धारण, शैलीगत विश्लेषण तथा संरक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने की संभावना है।

इस घटना ने न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं, बल्कि प्राचीन विरासत के संरक्षण हेतु ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।

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