व्हील लॉक से भड़का दबंग, कानून पर रसूख भारी नो पार्किंग में गाड़ी, व्हील लॉक लगते ही अफसर-कर्मचारियों को दी गंदी गालियां अफसरों के नाम गिनाकर नौकरी से निकलवाने की खुली धमकी,धमकाने का वीडियो वायरल, आरोपी पर अपराध दर्ज — जांच शुरू
व्हील लॉक से भड़का दबंग, कानून पर रसूख भारी
नो पार्किंग में गाड़ी, व्हील लॉक लगते ही अफसर-कर्मचारियों को दी गंदी गालियां
अफसरों के नाम गिनाकर नौकरी से निकलवाने की खुली धमकी,धमकाने का वीडियो वायरल, आरोपी पर अपराध दर्ज — जांच शुरू
कटनी से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने कानून के राज पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर जब प्रशासन ने नियमों के मुताबिक व्हील लॉक लगाया…तो एक दबंग इस कदर बिफर गया कि गालियां, धमकियां और नौकरी से निकलवाने की खुली चेतावनी देने लगा। वीडियो वायरल हुआ…और अब आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हो चुका है।
कटनी।। कानून के सामने दबंगई दिखाने का एक सनसनीखेज मामला कटनी शहर में सामने आया है, जहां नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर की गई वैधानिक कार्रवाई एक व्यक्ति को इतनी नागवार गुजरी कि उसने नियमों को चुनौती देते हुए खुलेआम अधिकारियों और कर्मचारियों को गालियां दीं और अपनी कथित पहुंच व रसूख का हवाला देकर उन्हें नौकरी से निकलवाने तक की धमकी दे डाली। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला अब केवल यातायात नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों को डराने-धमकाने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और प्रशासनिक मर्यादाओं को चुनौती देने का गंभीर विषय बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन क्रमांक MP21 ZA 0452 के मालिक श्याम सुंदर पाण्डेय द्वारा थाना तिराहा क्षेत्र में सड़क के बीच नो पार्किंग जोन में चार पहिया वाहन खड़ा किया गया था। वाहन स्वामी मौके पर मौजूद नहीं था, जिसके बाद यातायात पुलिस एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा नियमानुसार वाहन पर व्हील लॉक लगाया गया। इसी कार्रवाई से आक्रोशित वाहन मालिक मौके पर पहुंचा और हाथ में डंडा लेकर कर्मचारियों से गाली-गलौज शुरू कर दी। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा-सुना जा सकता है कि आरोपी ने कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और नगर निगम आयुक्त के लिए भी अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने स्वयं को किसी प्रमोद पाण्डेय का भाई बताते हुए नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, आलोक तिवारी एवं शशांक श्रीवास्तव जैसे नामों का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोप है कि व्हील लॉक हटवाने के बाद भी आरोपी ने एक कर्मचारी को खुलेआम धमकी दी कि वह एक सप्ताह के भीतर नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार और नगर निगम अध्यक्ष से कहकर उसकी नौकरी निकलवा देगा।
एफआईआर में क्या दर्ज हुआ — फरियादी का बयान
इस मामले में देवेन्द्र कुमार बाजपेयी, पिता स्व. अंबिक प्रसाद बाजपेयी, उम्र 48 वर्ष, निवासी लखेरा रोड कावासजी वार्ड, थाना रंगनाथ नगर कटनी — जो नगर निगम कटनी में अतिक्रमण सहायक प्रभारी के पद पर पदस्थ हैं द्वारा थाना उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
रिपोर्ट के अनुसार, दिनांक 27 दिसंबर 2025 को वे अपने अधीनस्थ कर्मचारी धर्मेन्द्र सपेरा, ट्रैफिक आरक्षक सुजात अली, शासकीय क्रेन एवं चालक विकास सिंह के साथ यातायात व्यवस्था बनाए रखने एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर निकले थे। दोपहर करीब 1 बजे थाना तिराहा पर बीच सड़क में नो पार्किंग जोन में खड़ी कार पर व्हील लॉक लगाया गया। कुछ देर बाद आरोपी श्याम सुंदर पाण्डेय हाथ में डंडा लेकर पहुंचा और गालियां देते हुए कर्मचारियों को धमकाने लगा। आरोपी ने कहा कि वह 7 दिन में सभी की नौकरी निकलवा देगा और व्हील लॉक तत्काल खोलने को कहा। डर के कारण कर्मचारी द्वारा व्हील लॉक खोल दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध
वायरल वीडियो एवं फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है —
धारा 132 — शासकीय कार्य में बाधा
धारा 296 — अभद्र भाषा एवं अश्लील कृत्य
धारा 351(2) — आपराधिक धमकी
मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है।
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या कानून सभी के लिए समान है, या फिर रसूख और नामों की गिनती से नियम कुचल दिए जाते हैं? अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कानून का राज वास्तव में कायम होता है या नहीं।