अधिवक्ता सुरक्षा का सवाल हड़ताल, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की पुरजोर मांग
अधिवक्ता सुरक्षा का सवाल हड़ताल, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की पुरजोर मांग
कटनी।। अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू किए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता गण पूर्ण हड़ताल पर रहे। अधिवक्ता संघ के आह्वान पर न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और राज्य शासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह विरोध हाल ही में एक अधिवक्ता की गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के विरोध में किया गया, जिससे अधिवक्ता समाज में भय, आक्रोश और असुरक्षा की गहरी भावना व्याप्त है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े व्यक्तियों पर इस प्रकार के हमले लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
अधिवक्ताओं ने शासन एवं प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई किए जाने की मांग की। साथ ही प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी और सख्त कानून बनाए जाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू होना समय की आवश्यकता है, ताकि अधिवक्ता निर्भय होकर अपने संवैधानिक एवं पेशेवर दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता संघ द्वारा पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता {{मुआवज}} प्रदान किए जाने तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति दिए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं और उनकी सुरक्षा से ही न्याय प्रणाली की गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता जुड़ी हुई है। उन्होंने शासन से इस गंभीर विषय पर त्वरित, संवेदनशील एवं ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। अधिवक्ताओं की सुरक्षा अब केवल मांग नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।