कानून को खुली चुनौती:-लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर पारधियों का संगठित हमला, पथराव से वाहन क्षतिग्रस्त; दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
कानून को खुली चुनौती:-लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस पर पारधियों का संगठित हमला, पथराव से वाहन क्षतिग्रस्त; दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
कटनी।। जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पुलिस बल पर भी खुलकर हमला करने से नहीं चूक रहे। रीठी थाना क्षेत्र के देवगांव में गुरुवार रात कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए पारधियों के एक गिरोह ने लूट के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर संगठित हमला कर दिया। पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे, लेकिन पुलिस द्वारा उपयोग किया जा रहा निजी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, कुठला थाना अंतर्गत कैलवारा फाटक के पास करीब तीन माह पूर्व एक बाइक चालक से लूट की वारदात हुई थी। इस मामले में पुलिस को कुख्यात आरोपी पुअर लाल पारधी की तलाश थी। गुरुवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी देवगांव स्थित शराब दुकान के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक सौरभ सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर दबिश देने पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी और उसके साथियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पुलिस को चारों ओर से घेर लिया और अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। कुछ ही पलों में बड़ी संख्या में पारधी एकत्रित हो गए और पुलिस पर हमला बोल दिया। हमले के दौरान पुलिस टीम ने सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए अपनी जान बचाई, लेकिन पत्थरों की बौछार में वाहन के कांच चकनाचूर हो गए। हालात बिगड़ते देख तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। भारी पुलिस फोर्स के पहुंचते ही इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी पुअर लाल पारधी मौके से फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने मौके से दो हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित पारधी (42 वर्ष), निवासी कूडो,कोड्स लाल पारधी (20 वर्ष), निवासी कूडो शामिल हैं। कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। वहीं रीठी पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। फरार लूट आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। ऐसे अपराधी आने वाले समय में कानून व्यवस्था के लिए और बड़ा खतरा बन सकते हैं।