“रक्तदान है महादान”  बुढार में 9 सितम्बर को पंजाब केसरी समूह करेगा विशाल रक्तदान शिविर

0
शहडोल। पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह के संस्थापक अमर शहीद लाला जगत नारायण जी की पुण्यतिथि 9 सितम्बर को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 9 सितम्बर, मंगलवार को श्री श्रीजा मॉल, कॉलेज चौहारा, बुढार में सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए संपर्क हेतु मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं  9406757525, 7000437349, 9826055307
पंजाब केसरी की परंपरा
पंजाब केसरी समूह पिछले कई वर्षों से लाला जगत नारायण जी की पुण्यतिथि को “जनसेवा दिवस” के रूप में मनाता है। वर्ष 2017 में पहली बार यह रक्तदान शिविर आयोजित हुआ था जिसमें 2,574 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इसके बाद हर वर्ष यह अभियान और मजबूत होता गया 
2018 में 4,620 यूनिट रक्त संग्रह,2019 में 6,066 यूनिट,2022 में 5,349 यूनिट,2023 में 13,512 यूनिट रक्त का रिकॉर्ड,और 2024 में तो केवल एक दिन में 8 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 196 शिविरों के माध्यम से 17,613 यूनिट रक्त एकत्र कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई।
इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि पंजाब केसरी समूह केवल पत्रकारिता ही नहीं करता, बल्कि समाजसेवा को भी अपना धर्म मानता है।
रक्तदान क्यों है जरूरी?
भारत में हर वर्ष लाखों मरीज समय पर रक्त न मिलने के कारण गंभीर संकट में पड़ते हैं। ऑपरेशन, कैंसर उपचार, दुर्घटना पीड़ित, प्रसवकालीन महिलाएँ और बच्चे — सभी को समय पर रक्त की आवश्यकता होती है। एक यूनिट रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।
चिकित्सकों का कहना है कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है और इसकी आपूर्ति केवल रक्तदाताओं से ही संभव है। इसीलिए रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा माना गया है।
बुढार में आयोजन का महत्व
बुढार में होने वाला यह शिविर न केवल रक्तदान का अवसर होगा, बल्कि समाज की एकता और जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनेगा। यहाँ स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता, युवा वर्ग और जनप्रतिनिधि भी जुटेंगे। आयोजन स्थल पर “सभा की ढाणी” जैसी स्थिति बनेगी जहाँ उत्साह, सेवा और समाजभाव का अनोखा संगम दिखाई देगा।
आयोजकों की अपील
इस अवसर पर पंजाब केसरी समूह के प्रतिनिधियों ने कहा
“गणित, मानवता और सेवा का संगम रक्तदान में है। इससे बड़ा कोई धर्म और कोई पुनीत कार्य नहीं हो सकता। आइए, मिलकर इसे सफल बनाएँ और अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करें।”
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान केवल मरीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से हम कैंसर पीड़ित, सड़क दुर्घटना शिकार, गंभीर ऑपरेशन से गुजर रहे मरीजों और गर्भवती माताओं को जीवनदान दे सकते हैं।
इसे आंदोलन बनाएँ
यह केवल एक शिविर नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है।अगर आपने पहले रक्तदान किया है तो इस बार भी आगे आएँ। अगर पहली बार कर रहे हैं तो चिकित्सक और स्वयंसेवक आपकी पूरी मदद करेंगे। अपील है कि आप इस संदेश को अपने परिवार, दोस्तों और सोशल मीडिया पर साझा करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पुनीत कार्य का हिस्सा बन सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed