ब्राम्हण समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा  दोषियों के  विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने  की मांग।

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गिरीश राठौर

अनूपपुर /विगत दिनों कोतमा थाना अंतर्गत एससी  एसटी एक्ट में फंसे एक पुजारी ने गुरुवार सुबह आत्महत्या कर ली थी। घर पर पुजारी का शव देखकर परिजन भड़क उठे थे। उन्होंने पुलिस से कहा कि वह तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक थाना प्रभारी व झूठे केस में फंसाने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। तत्पश्चात अजय बैगा को निलंबित कर दिया गया। जिस विषय को लेकर ब्राम्हण समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की मांग की ज्ञापन में कहा गया कि निलंबन कोई सजा नही है दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हेंजेल भेजा जाए अन्यथा ब्राम्हण समाज आंदोलन के लिए विवश होगा यह हैं,

मामला कोतमा थाना क्षेत्र के गांव खोडरी का है। हनुमान मंदिर के पुजारी रामेश्वर पांडे पिता राम किशोर पांडे (40) के खिलाफ खोडरी निवासी सुशीला रैदास ने 30 मई मंगलवार को कोतमा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सुशीला ने बताया कि रामेश्वर पांडे ने उसके साथ मारपीट की है। इस दौरान उसने जातिसूचक गालियां भी । सुशीला की शिकायत पर पुलिस ने 294 323 506 और एसटी एससी एक्ट में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने मंगलवार देर रात को ही रामेश्वर पांडे को गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद कर दिया। वह पूरी रात लॉकअप में बंद रहे और पुजारी को मानसिक प्रताड़ना के साथ अर्धनग्न अवस्था में थाना में रखा गया था। पुजारी को बुधवार शाम को पुलिस ने उन्हें मुचलके पर छोड़ा। गुरुवार को पुजारी ने फांसी लगा लिया था।पुजारी के मौत से अनाथ हुई बिटिया को आज ब्राम्हण समाज ने गोद लेने को सार्वजनिक घोषणा की समाज के मुखिया ने कहा कि अनाथ हुई बेटी अब हम सब की जिम्मेदारी है उसका रहना खाना पढ़ाई अब समाज को देखना होगा उन्होंने उनके परिजनों से कहा कि उसका बैंक डिटेल हमे उपलब्ध कराए हम बेटी को हर संभव मदद देंगे

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