धान टोकन पर ब्रेक से बढ़ी किसानों की चिंता, 180 किसान अब भी वंचित
उपसरपंच बोले किसानों के हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी(संतोष टंडन)बलौदा बाजार–भाटापारा। जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रसेड़ा में धान खरीदी के टोकन अचानक बंद किए जाने से किसानों में भारी असंतोष और भय का माहौल बन गया है। टोकन दोबारा कब से शुरू होंगे, इसको लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे किसान लगातार समिति और खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार धान टोकन काटने की समय-सीमा दिसंबर से 31 जनवरी तक तय थी, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया गया। वारिसान पंजीयन, एग्री-स्टेट अपडेट और अन्य तकनीकी कारणों से कई किसान तय समय में टोकन नहीं करा सके। रसेड़ा समिति अंतर्गत रसेड़ी, रसेड़ा, मेड, खपरी, सोनाडीह और बोईरडीह पंचायतों के करीब 180 किसान अब भी टोकन से वंचित हैं।

केंद्र में धान का अंबार, लेकिन परिवहन ठप
समिति केंद्र में इस समय भारी मात्रा में धान का संग्रहण हो चुका है, लेकिन परिवहन व्यवस्था लगभग ठप पड़ी है। धान परिवहन से जुड़े ठेकेदारों और वाहन चालकों का कहना है कि उठाव को लेकर उन्हें कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिल रहे हैं, जिसके चलते परिवहन कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते धान का उठाव नहीं हुआ और मौसम खराब हुआ या कोई अन्य बाधा आई, तो संग्रहित धान के खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसी स्थिति में किसानों के साथ-साथ शासन को भी बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
उपसरपंच का एलान हर स्तर पर लड़ेंगे किसानों की लड़ाई
पूरे मामले पर समिति केंद्र के उपसरपंच दिलहरण चंदेल ने कहा कि धान टोकन बंद होना और परिवहन में देरी, दोनों ही गंभीर समस्याएं हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही संबंधित अधिकारियों से मिलकर धान खरीदी और परिवहन व्यवस्था पर स्पष्ट और त्वरित निर्णय लेने की मांग की जाएगी।
उपसरपंच ने दो टूक कहा, “मैं किसानों के साथ खड़ा हूं। उनके हक और न्याय की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
फिलहाल किसान प्रशासन से जल्द निर्णय और टोकन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत की फसल समय पर बिक सके और नुकसान से बचा जा सके।