कानून से टकराई दबंगई: निगमायुक्त पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में सड़कों पर उतरा निगम अमला म.प्र. नगर निगम–नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
कानून से टकराई दबंगई: निगमायुक्त पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में सड़कों पर उतरा निगम अमला
म.प्र. नगर निगम–नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
नो पार्किंग में खड़ी गाड़ी पर व्हील लॉक की कार्रवाई से भड़का एक वाहन मालिक अब पूरे नगर निगम अमले के आक्रोश का कारण बन गया है। निगमायुक्त और महिला अधिकारी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज के विरोध में नगर निगम के अधिकारी–कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं।
मध्यप्रदेश नगर निगम–नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
कटनी।।नगर निगम कटनी में नो पार्किंग में खड़ी गाड़ी पर व्हील लॉक किए जाने के बाद वाहन मालिक श्याम सुंदर पाण्डेय द्वारा निगम कर्मचारियों से गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और निगमायुक्त व महिला अधिकारी के खिलाफ अशोभनीय भाषा के प्रयोग का मामला अब कानून बनाम दबंगई की सीधी टक्कर में बदल गया है।
इस घटना के विरोध में मध्यप्रदेश नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ म.प्र. शासन से मान्यता प्राप्त, भोपाल शाखा – नगर पालिक निगम कटनी के बैनर तले सोमवार को नगर निगम के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालयीन समय में निगम गेट के बाहर एकत्रित हुए और काली पट्टी बांधकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
सरकारी काम में बाधा और महिला अधिकारी का अपमान
संघ द्वारा थाना प्रभारी, कोतवाली कटनी को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 27 दिसंबर 2025 को अतिक्रमण विभाग द्वारा यातायात व्यवस्था सुचारू करने की कार्रवाई के दौरान आरोपी द्वारा बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित किया गया। वाहन हटाने के अनुरोध पर आरोपी ने कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए डंडा निकाल लिया, गाली-गलौज की और निगमायुक्त के प्रति अमर्यादित टिप्पणी करते हुए धमकी दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
थाना कोतवाली तक पहुंचा आक्रोश
प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में निगम अधिकारी-कर्मचारी लंब बंद होकर थाना कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने सीएसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी, निगम कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने तथा दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो निगम कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासनिक गरिमा के समर्थन में एकजुट कर्मचारी
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासनिक मर्यादा, अधिकारियों के सम्मान और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए है।
इन पंक्तियों के लिखे जाने तक नगर निगम गेट के बाहर कर्मचारियों की नारेबाजी जारी थी और शहर की निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई थीं।