कार्यालय की कुर्सी नहीं, बल्कि शहर की ज़रूरतें प्राथमिकता….मैदान में उतरकर फैसले लेने वाली आईएएस….सोच स्पष्ट,समस्या छोटी हो या बड़ी, टालने की नहीं, सुलझाने की है। जब निरीक्षण, संवेदनशीलता और सख़्ती एक साथ दिखे
कार्यालय की कुर्सी नहीं, बल्कि शहर की ज़रूरतें प्राथमिकता....मैदान में उतरकर फैसले लेने वाली आईएएस....सोच स्पष्ट,समस्या छोटी हो या बड़ी,...