मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया प्रदेशव्यापी ‘स्वच्छ जल अभियान’ का शुभारंभ दो चरणों में 31 मार्च तक चलेगा अभियान, GIS मैप आधारित एप से होगी पेयजल व्यवस्था की सख्त निगरानी दूषित जल आपूर्ति पर ‘जीरो टॉलरेंस’, लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया प्रदेशव्यापी ‘स्वच्छ जल अभियान’ का शुभारंभ
दो चरणों में 31 मार्च तक चलेगा अभियान, GIS मैप आधारित एप से होगी पेयजल व्यवस्था की सख्त निगरानी
दूषित जल आपूर्ति पर ‘जीरो टॉलरेंस’, लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कठोर कार्रवाई
कटनी।। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रांतव्यापी “स्वच्छ जल अभियान” का शनिवार को शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दूषित पेयजल की आपूर्ति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़े कदम उठाए जाएंगे। सागर जिले के प्रवास से लौटने के बाद राज्य विमानतल स्थित सभा कक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के नगरीय एवं ग्रामीण निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगरीय निकायों और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, पाइपलाइन लीकेज की त्वरित मरम्मत और दूषित पाए जाने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
दो चरणों में चलेगा स्वच्छ जल अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा प्रथम चरण: 10 जनवरी से 28 फरवरी, द्वितीय चरण: 1 मार्च से 31 मार्च अभियान के अंतर्गत आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए हर मंगलवार “जल सुनवाई” आयोजित की जाएगी, जिसे अधिकारी पूरी गंभीरता से लें।
GIS तकनीक से होगी जल व्यवस्था की निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत सभी जल शोधन संयंत्रों, पेयजल टंकियों और पाइपलाइनों की सफाई कराई जाएगी। GIS मैप आधारित एप के माध्यम से जल शोधन यंत्रों, पेयजल टंकियों, पाइपलाइन एवं सीवेज लाइनों की निगरानी की जाएगी। इंटर-पॉइंट सेक्शन का चिन्हांकन कर रोबोट तकनीक से पाइपलाइन लीकेज की जांच की जाएगी।
जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता पर जोर
अभियान के क्रियान्वयन में जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। समस्त पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा तथा अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
181 और सीएम हेल्पलाइन से दर्ज होंगी शिकायतें
पेयजल से संबंधित शिकायतों के लिए 181 पर विशेष व्यवस्था की गई है। प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण कर आवेदक को जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया।
कटनी से जुड़े अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे वर्चुअली शामिल
कटनी कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, कलेक्टर आशीष तिवारी, निगमाध्यक्ष मनीष पाठक, जिला पंचायत सीईओ एवं प्रभारी निगमायुक्त हरसिमरनप्रीत कौर, बरही नगर परिषद अध्यक्ष पियूष अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी जुड़े रहे।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी
तकनीक के उपयोग से जवाबदेही सुनिश्चित की जाए
पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो
दूषित जल मिलने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था
लापरवाही पर कठोर कार्रवाई
बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से जनजागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जाएंगी।