CM ने ट्वीट कर बरही कालेज प्राचार्य को किया निलंबित, थाने में FIR भी हुई, छात्राओं ने लगाए थे गम्भीर आरोप शासकीय महाविद्यालय बरही के प्राचार्य पद का प्रभार और आहरण संवितरण अधिकार बरही के सहायक प्राद्यापक सुखचैन सिंह धुर्वे को
CM ने ट्वीट कर बरही कालेज प्राचार्य को किया निलंबित, थाने में FIR भी हुई, छात्राओं ने लगाए थे गम्भीर आरोप
शासकीय महाविद्यालय बरही के प्राचार्य पद का प्रभार और आहरण संवितरण अधिकार बरही के सहायक प्राद्यापक सुखचैन सिंह धुर्वे को

कटनी ॥ बरही कालेज के प्रभारी प्राचार्य आरके वर्मा पर गत दिनों विधायक से शिकायत करते कालेज की छात्राओं ने प्राचार्य पर उत्पीड़न के गम्भीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद कलेक्टर को इसकी जांच करने कहा था।
कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम से इन आरोपों की जांच कराई थी जांच कमेटी ने भी आरोपों की प्रथम दृष्टया सही पाया जिसके बाद कलेक्टर ने प्राचार्य पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। कटनी जिले के बरही कालेज में प्राचार्य आरके वर्मा पर कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं ट्विटर पर प्राचार्य को निलंबित करने की जानकारी दी। इसके साथ ही प्राचार्य पर बरही थाने में FIR भी दर्ज कराई गई है।
मामला कटनी जिले के बरही महाविद्यालय का है, जहां की सैकड़ों छात्राओं ने मिलकर विधायक संजय पाठक से शिकायत करते हुए दोषी प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया था कि प्राचार्य लड़कियों को गलत नीयत से टच करते थे, कॉमन रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे से कपड़े बदलते देखते थे। जिस पर विधायक पाठक ने कलेक्टर अवि प्रसाद से जांच की बात कहते हुए सीएम शिवराज सिंह को मामले से अवगत कराया था।

छात्राओं के साथ हुए अपत्तिजनक व्यवहार के चलते कलेक्टर ने पांच सदस्यीय टीम गठित की थी, जांच समिति मे अध्यक्ष के तौर पर शासकीय तिलक महाविद्यालय कटनी की प्राध्यापक डॉ चित्रा प्रभात तथा सदस्य के तौर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नयन सिंह, सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती, प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधवनगर विभा श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त उप संचालक पंचायत एवं सामाजिक न्याय ए.के. तिवारी शामिल थे।अधिकारियों को सदस्य बनाकर बरही महाविद्यालय भेजा गया। जहां लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत गठित कर छात्राओं द्वारा प्राचार्य पर लगाए गए आरोपों व शिकायतों की जांच कराई जिसमें मामला प्रथमदृष्टया सही पाया गया। कमेटी ने मामले की पूरी रिपोर्ट कलेक्टर अवि प्रसाद को सौंपी, जिसके आधार पर जबलपुर अतिरिक्त संचालक को पत्र लिख दोषी प्राचार्य को हटाने की मंशा जाहिर की थी। कलेक्टर अवि प्रसाद के पत्र और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग भोपाल द्वारा प्राचार्य आरके वर्मा को निलंबित करते हुए मुख्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा संचालनालय भोपाल नियत किया गया है। इस निलंबन अवधि में प्राचार्य को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। वहीं पूरे मामले पर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने छात्राओं के साथ अपत्तिजनक व्यवहार करने वाले प्राचार्य डॉ. आरके वर्मा को हटाने का ट्वीट कर पुष्टि की है। बरही महाविद्यालय के प्राचार्य आरके वर्मा पर क्रमानुसार हुई जांच व निलंबन की कार्यवाही के बाद कलेक्टर अवि प्रसाद ने जांच समिति को दोषी प्राचार्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश जारी किए। इसके बाद मामले की एफआईआर कॉलेज की छात्राओं ने बरही थाने पहुंचकर दर्ज कराई है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन ने बताया कि विभागीय पत्र के आधार पर प्राचार्य आरके वर्मा के विरुद्ध बड़ी थाने में 354 के तहत मामला दर्ज किया है जिनकी गिरफ्तारी के लिए कोशिश की जा रही है।
शासकीय महाविद्यालय बरही के नये प्रभारी प्राचार्य बने सहायक प्राध्यापक सुखचैन सिंह धुर्वे
अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा जबलपुर ने शासकीय महाविद्यालय बरही के प्राचार्य पद का प्रभार और आहरण संवितरण अधिकार बरही के सहायक प्राद्यापक सुखचैन सिंह धुर्वे को सौंपा है।
अतिरिक्त संचालक ने यह आदेश बरही कॉलेज की छात्राओं के उत्पीड़न के मामले की कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा गठित जांच समीति द्वारा जांच के बाद की गई अनुशंसा के आधार पर किया है।इसी प्रकार एक अन्य आदेश में विशेष कर्तव्य अधिकारी उच्चशिक्षा ने जांच समिति की जांच में दोषी पाये गये प्राचार्य डॉ. आर के वर्मा को दो माह की अवधि के लिये जबलपुर में डिप्लाय कर दिया है।