जिला चिकित्सालय का कलेक्टर ने रात्रि में किया निरीक्षण
कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के व्यवस्थाओं की ली जानकारी
शहडोल। कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने बुधवार को रात्रि में जिला चिकित्सालय पहुंचकर वहां के व्यवस्थाओं का
निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि शासकीय चिकित्सकों के हड़ताल से मरीजों को
किसी भी प्रकार की असुविधा एवं अव्यवस्था का सामना ना करना पड़े इसके लिए प्राइवेट नर्सिंग होम के चिकित्सकों
से समन्वय स्थापित कर उनका सहयोग लेकर व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। इस दौरान सिविल सर्जन ने कलेक्टर को
अवगत कराया कि जिला चिकित्सालय में रात्रि में 2 सीजर ऑपरेशन हो रहे हैं तथा प्रसूति वार्ड में 27 गर्भवती माताएं
भर्ती हैं, जिनकी सतत निगरानी करते हुए उनकी चिकित्सकीय सुविधाएं एवं उपचार प्रदान किया जा रहा है। इसी
प्रकार एसएनसीयू में 39 बच्चे तथा पीआईसीयू में 8 बच्चे भर्ती हैं, उनका उपचार किया जा रहा है। इस दौरान
कलेक्टर ने ओपीडी में आए मरीजों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की तथा ओपीडी का भी निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया तथा जिला चिकित्सालय में बेहतर साफ-सफाई
एवं स्वच्छता बनाए रखने की भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि चिकित्सकों का प्रथम कर्तव्य मरीजों को स्वास्थ
सुविधाएं प्रदान करना है, उन्हें ऐसा वातावरण दिया जाए कि वे अस्पताल में किसी प्रकार की भी असुविधा महसूस ना
करें। अस्पताल में भर्ती मरीजों से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, दवाइयों, नाश्ता,
भोजन, अस्पताल परिसर में स्वच्छता आदि के बारे में जानकारी ली। जिस पर मरीजों द्वारा बताया गया कि उन्हें
अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाए मिल रही है। मातृ एवं शिशु वार्ड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सभी प्रसूताओं
से अस्पताल मे मिलने वाले पोषक आहार के संबंध में भी जानकारी ली।
कलेक्टर ने अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सिविल
सर्जन ने बताया कि अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता है। कलेक्टर ने मरीजों से भी
अस्पताल में मिलने वाली दवाइयों के बारे में पूछा। इस दौरान मरीजो ने बताया कि सभी दवाइयां अस्पताल में ही
उपलब्ध हो जाती है। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जीएस परिहार सहित अन्य चिकित्सक एवं लोग
उपस्थित था।