उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने कलेक्टर का सख्त संदेश निरीक्षण में उत्पादन, रोजगार और निर्यात पर फोकस, गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों पर दिए निर्देश
उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने कलेक्टर का सख्त संदेश निरीक्षण में उत्पादन, रोजगार और निर्यात पर फोकस, गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों पर दिए निर्देश
कटनी।। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की मंशा के साथ कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बुधवार को जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्पादन क्षमता, रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए संचालकों से निर्यात की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह चौहान एवं प्रबंधक राजेश पटेल भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि उद्योग केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि गुणवत्ता, ब्रांडिंग और आधुनिक तकनीक के जरिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएं।
भ्रमण की शुरुआत ग्राम इमलिया स्थित मेसर्स राधे ट्रेडर्स से हुई। नमकीन एवं प्राइम्स उत्पाद बनाने वाली इस इकाई में लगभग 2.50 करोड़ रुपये का निवेश है और यहां 15 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। कलेक्टर ने कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन नेटवर्क की जानकारी लेते हुए स्थानीय मंडियों से खरीदी को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि किसानों और व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिल सके। साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2025 के तहत 40 प्रतिशत अनुदान प्राप्त करने पर कलेक्टर ने इकाई की सराहना की। इसके बाद कलेक्टर श्री तिवारी ग्राम पड़ुआ स्थित मेसर्स सुखसागर फूड प्राइवेट लिमिटेड पहुंचे। करीब 4 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह आधुनिक राइस मिल तकनीकी उन्नयन का उत्कृष्ट उदाहरण है। महिला संचालित इस इकाई को एमएसएमई योजना के तहत 48 प्रतिशत वित्तीय सहायता मिली है और यहां 24 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यहां उत्पादित पराबोइल्ड राइस एवं सीएमआर राइस का निर्यात अमेरिका, खाड़ी देशों और अफ्रीका तक किया जा रहा है, जो कटनी के उद्योगों के वैश्विक विस्तार को दर्शाता है।
कलेक्टर ने उत्पादन प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए निर्यात प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय बाजार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही इकाई में स्थापित सोलर प्लांट को लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम बताया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उद्योग संचालकों से राज्य की औद्योगिक नीति पर भी चर्चा की और स्पष्ट किया कि प्रशासन उद्योगों के विकास के लिए हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।