मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने कांग्रेस कमेटी नें कोतवाली में दिया शिकायतपत्र कांग्रेस पार्टी का आरोप -कोविड़ -19 से मृत्यु होने व मृत्यु के आंकड़े आमजन से छिपाने एवं प्रदेश वासियों को भ्रमित कर रही मध्यप्रदेश बीजेपी सरकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने कांग्रेस कमेटी नें कोतवाली में दिया शिकायतपत्र
कांग्रेस पार्टी का आरोप -कोविड़ -19 से मृत्यु होने व मृत्यु के आंकड़े आमजन से छिपाने एवं प्रदेश वासियों को भ्रमित कर रही मध्यप्रदेश बीजेपी सरकार
कटनी ! जिला शहर व ग्रामीण कांग्रेस कमेटी कें अध्यक्ष नें अपने पदाधिकारियों कें साथ कटनी कोतवाली पहुचकर मध्यप्रदेश कें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर कोविड़ -19 से मृत्यु होने व मृत्यु के आंकड़े आमजन से छिपाने एवं प्रदेश वासियों को भ्रमित करने के कारण गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करने बाबत् आवेदन दिया है़ ! जिसमे उल्लेख किया गया है़ कि वर्ष 2021 के प्रारंभिक दौर में जैसे ही करोना की दूसरी लहर ने मध्यप्रदेश में अपने पांव पसारना शुरु किये ही थे और कोराना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु का सिलसिला चालू हो गया हालांकि दूसरी लहर के शुरुआती दौर में स्थिति इतनी भयावह नहीं थी । करोना की दूसरी लहर आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपेक्षापूर्ण व्यवहार करते रहे हैं । उनके इशारे पर कोरोना पीड़ितों की संख्या को छुपाया गया है । यहाँ तक कि शमशानघाट एवं कब्रिस्तानों में हुए दाह संस्कारों की संख्या को भी छुपाया जा रहा है और साथ ही ईलाज की समुचित व्यवस्था भी नहीं कराई गई । जिससे मरीज परेशान हुए एवं असमय काल के गाल में समा गये , जिसके लिए सीधे – सीधे मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं । जबकि समाचार पत्रों , सोशल मीडिया एवं वैज्ञानिकों द्वारा बराबर संदेश दिये जा रहे थे कि स्थिति भयानक होने वाली है परन्तु मुख्यमंत्री महोदय ने अपनी हठधर्मिता के चलते किसी भी तरह की पर्याप्त व्यवस्था दवा , आक्सीजन आदि नहीं की । लगातार कोरोना से हुई मौतों के ऑकड़ों को प्रदेश वासियों से छुपाते रहे । फलस्वरुप मध्यप्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्यु का तांडव पूरे प्रदेश में बढ़ता गया । पूरे प्रदेश में व कटनी में भय का वातावरण बन गया और जनता त्राहि – त्राहि करने लगी । कोरोना से हुई मृत्यु की सत्यता जोंचने के लिए प्रदेश के समाचार पत्रों पर नजर डाल ले तो सत्यता उजागर हो जाएगी । शिवराज ने इस कोविडकाल को गंभीरता से नहीं लिया । इसी कारण कोविड से पीडित मरीजों को अस्पतालों में बेड़ , आक्सीजन , इंजेक्शन नहीं मिल पाया । इस खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण मौतों का आकड़ा बढ़ता गया और सराकर मौतों के आकड़ों को छुपाती रही । जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए मुख्यमंत्री दोषी हैं ,इन पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए ।
इस तरह के मौत के ऑकड़े को छुपाने , कोरोना की दूसरी लहर के प्रति पिछले एक साल तक की लापरवाही बरतने और जनता के सामने झूठ परोसने पूरे प्रदेश की जनता भ्रमित रही और हजारों की संख्या में कोविड से लोगों की मृत्यु का कारण बनी । शिवराज सिंह चौहान एवं उनके अनेक सहयोगी मंत्रियों व अधिकारियों का उपरोक्त कृत्य धारा 304 ( 2 ) ( गैर इरादतन इत्या ) . 417 ( मृत्यु के आँकडों को छिपाना ) भारतीय दंड विधान . आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं महामारी एक्ट 1897 ( संशोधन 2020 ) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है । अतः मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , उनके सहयोगी मंत्रियों व अधिकारियों के ऊपर गैर इरादतन हत्या , मृत्यु के आँकडों को छिपाना , आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं महामारी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर करवाई की जाना चाहिए ! इस दौरान ठा . गुमान सिंह अध्यक्ष जिला ( ग्रामीण ) कांग्रेस कमेटी, मिथलेश जैन एडवोकेट अध्यक्ष , जिला ( शहर ) कांग्रेस कमेटी, करण सिंह चौहान, प्रियदर्शन गौर, पद्मा शुक्ला, शिव कुमार यादव, मनु दीक्षित सहित अन्य की उपस्थिति रही !