पेटी कांट्रेक्ट के भरोसे हो रहा निर्माण कार्य, बनते ही ढह गया स्लैब
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गुणवत्ताविहीन नाली निर्माण कर रहा एमपीआरडीसी
पेटी कॉन्टै्क्ट के भरोसे हो रहा निर्माण कार्य, बनते ही ढह गया स्लैब
मंत्री से लेकर संत्री तक का होता है आवागमन, फिर भी मौन धारणा
जिला मुख्यालय के विकास के लिए जिम्मेदार विभागों के पास पैसा खर्च करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन ठेकेदारी प्रथा और कमीशनखोरी ने मूलभूत सुविधाओं से ही नगर को वंचित कर दिया। खराब मुख्य सडके, भ्रष्टाचार और कमीशन से निर्मित अधूरी और गंदगी से लवरेज नालियों को छोडकर एमपीआरडी के ठेकेदार कई महीने काम बंद कर लिये थे, अब फिर से घटिया निर्माण शुरू कर जल्दी-जल्दी पूर्ण कराने में आमादा है।
अनूपपुर। मध्यप्रदेश सडक विकास निगम लिमिटेड के द्वारा सडक निर्माण के वर्षो बाद नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। अमरकंटक तिराहे से लेकर चंदास नदी तक निर्मित यह नाली दोनो ही ओर से अधूरा छोड दिया गया था। अनपढ इंजीनियर के सहारे निर्मित इस सडकों को आम नागरिक भी भ्रष्टाचार और मनमानी की कहानी बयां कर रहा है। महज 1 किलोमीटर निर्मित नाली में लगभग 20 जगह अधूरा छोड दिया गया है, इतना ही नही कई जगहों से बनने से पहले की टूट कर स्लैब गिर गया, घरो से सामने गंदगी से लवरेज नालियों में बरसात का पानी जमा है, लेकिन जिम्मेदारों ने वर्षो बाद भी नगर में संचालित कार्याे की समीक्षा तक नही की।
मौत के गढ् ढे कर दिये तैयार

एमपीआरडीसी के जिम्मेदारों और ठेकेदारो ने अधूरी नालियों में गढ्ढे और लोहे का सरिया निकाल कर महीनों से छोड दिया गया था, जिससे में कई बार मूक पशु गिरकर घायल हो चुके है, वही रात्रिकालीन के दौरान राहगीर भी चोटिल हो चुके है। खुली पडी नालियां व टूटी हुई स्लैब में अचानक हादसा घट जाता है, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों को दुर्घटनाओं से कोई सरोकार नही है। कमीशन के फेर में इन्हे न तो गढ्ढे दिखाई दे रहे है और न ही नालियों में भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। कुलमिलाकर ठेकेदार और अधिकारी सांठ-गांठ कर कार्य को अंजाम दे रहे है।
सडकें भी जगह-जगह खराब
मुख्यालय से सांधा मोड तक निर्मित मुख्य सडक की हालात चंदास नदी से खस्ताहाल होना शुरू हो जाता है, पुल के पास आज भी दुर्घटनाओं के लिए दोनो तरफ गढ्ढे छोड दिया गया है, सडक से लोहे का सरिया तक दिखाई देने लगा, लेकिन किसी से इसकी सुध नही ली। सडक को कहीं चौडाई तो कही सकरी निर्मित किया गया है, इसका क्या माजरा है यह तो इंजीनियर ही समझे, लेकिन सडक और नालियों का निर्माण गुणवत्ता को ध्यान में रखकर नही किया गया है।
पेटी कॉन्ट्रैक्ट में कार्य
सडक और नालियों का ठेका एटकॉन कंपनी को मिला था, लेकिन कंपनी के जिम्मेदारों ने डिंडौरी के किसी सोनू बंजारा नामक ठेकेदार को पेटी कॉन्ट्रैक्ट में यह नाली निर्माण का कार्य दे दिया है और जिसका सुपरविजन बतौर इंजीनियर व सुपरवाईजर उदय सिंह कर रहे है। कुलमिलाकर कंपनी, पेटी कान्ट्रैक्टर और सुपरवाईजर के सांठ-गांठ के कारण गुणवत्ताविहीन कार्य किया जा रहा है, जो घटिया निर्माण कर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर लेंगे और परिणाम नगरवासियों और राहगीरो को भोगना पडेगा।
राशि के कारण रूका कार्य
महज 1 किलोमीटर की नाली निर्माण में कई महीने बीत गये, ठेकेदार व सुपरवाइजर के अनुसार पैसे के अभाव में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है, जबकि अधूरे निर्मित नाली भी भ्रष्टाचार और लापरवाही का शिकार हो चुका है। जिम्मेदारो के द्वारा न तो प्राक्कलन के अनुरूप कार्य किया जा रहा है और न ही निर्माण में गति दिखाई जाती है, मनमाने कार्य को अंजाम देकर निर्माण को समाप्त करना चाहते है, यही कारण है कि कमीशन के फेर में घटिया निर्माण कर कार्य से मुक्ति पाना चाहते है।
इनका कहना है
बारिश के कारण कार्य प्रभावित हुआ है और समय पर राशि का भुगतान न होने से अधूरा कार्य छोडा गया था, जल्द ही कार्य को संचालित कर पूर्ण कराया जायेगा।
उदय सिंह, सुपरवाईजर
एटकॉन कंपनी
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पेमेंट का भुगतान न होने के कारण कार्य रोक दिया गया था, कार्य फिर चालू कर दिया गया है, जहां भी खराबी दिखेगी वहां पुन: सुधार कार्य किया जायेगा।
सोनू बंजारा, पेटी कॉन्ट्रैक्टर