कोरोना संक्रमित मरीजों ने खिड़की से लगाई कलेक्टर को आवाज, सुनाई व्यथा

शहडोल। उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली ही नहीं देशभर में कोरोना महामारी से निपटने शासन-प्रशासन का उच्च अमला प्रयासरत है कि कोरोना महामारी से संक्रमित मरीज़ों जल्द से जल्द स्वस्थ हो अपने घर जा सके, लेकिन पाली कीी सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में बनें कोविड सेंटर में मरीज़ों की हालत ऐसी है कि संक्रमित आइसोलेट मरीज़ चौदह दिन आइसोलेट होने के बाद वहां से स्वस्थ होने के बजाय कमज़ोर होकर निकल रहे है। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बुधवार पाली नगर के समस्त कोविड सेंटरों का निरीक्षण किया सर्वप्रथम कलेक्टर ने एमपीपीजीसीएल के स्वस्थ केंद्र का निरीक्षण किया जहां पर मुख्य अभियंता संकुल को हिदायत देते हुए व्यवस्थाओ को दुरुस्त करने मौखिक आदेशित किया।
कलेक्टर ने सुनी समस्या
वहीं जब शासकीय अस्पताल में बनाये गए कोविड सेंटर कलेक्टर पहुंचे तो वहां पर आइसोलेट संक्रमित मरीज़ों ने खिड़की से चिल्लाकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को अपनी समस्या बताई जिसके बाद कलेक्टर के द्वारा मरीज़ों के पास पहुंच उनकी समस्याएं सुनी और वही मौके पर ब्लाक मेडिकल ऑफीसर डॉ. व्ही. के. जैन को जमकर फटकार लगाई।
नहीं दी जाती मेडिसीन
संक्रमित मरीज़ों ने कलेक्टर को बताया की कोविड सेंटर पर न तो किसी प्रकार की मेडिसिन दी जाती है और ना ही गुणवत्तापूर्वक खाना दिया जाता है। मरीज़ों ने बताया की एक गिलास कुनकुना पानी भी नहीं उपलब्ध हो पाता है। संक्रमितों ने बताया की बुधवार को कलेक्टर के दौरे होने की वजह से यहां सभी किट पहन कर खड़े हो गए, लेकिन सामान्य तौर पर कोई पास तक नहीं आता है। कलेक्टर के द्वारा शिकायत मिलते ही तत्काल स्थिति सुधारने के लिए मुख्य चिकित्सा जिला स्वस्थ अधिकारी को आदेशित करते हुए खण्ड चिकित्सा अधिकारी को फटकार लगाई है।