बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर साइबर ठगी: शिक्षक से 4.10 लाख उड़ाए, रायगढ़ से आरोपी गिरफ्तार

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शहडोल। आज के डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन सुविधा ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने इसे ठगी का नया हथियार बना लिया है। इसका ताजा उदाहरण शहडोल जिले में सामने आया, जहां एक शिक्षक को बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से 4.10 लाख रुपए पार कर दिए। घटना का खुलासा करीब एक साल बाद हुआ जब पुलिस ने मुख्य आरोपी को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला 16 मार्च 2024 का है। केन्द्रीय विद्यालय के शिक्षक प्रमोद पांडेय को अचानक एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को विद्युत विभाग का एसडीओ बताते हुए कहा कि आपका बिजली बिल जमा नहीं हुआ है, इसलिए कनेक्शन काट दिया जाएगा। घबराए शिक्षक ने जैसे ही बात पूछी तो आरोपी ने भरोसा दिलाने के बहाने उन्हें 19 रुपए का एक ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा। साथ ही एनीडेस्क का लिंक भेजकर ओटीपी साझा करने को कहा। शिक्षक धोखे का शिकार हो गए और जैसे ही उन्होंने ओटीपी बताया, खाते से 4.10 लाख रुपए उड़ गए।
शिक्षक ने तुरंत अमलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला गम्भीर होने पर साइबर सेल भी जांच में जुड़ा। महीनों की तकनीकी पड़ताल और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद पुलिस को आरोपी दया साहू की जानकारी मिली। टीम ने दबिश देकर उसे रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 50 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं और बताया कि ठगी की बड़ी राशि वह अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर कर चुका है।
पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क की तह तक जाने की तैयारी कर रही है। इस गिरोह में शामिल एक अन्य आरोपी लखन सुनसान की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गैंग का पर्दाफाश किया जाएगा।
घटना के बाद शिक्षक प्रमोद पांडेय ने कहा  “मुझे विश्वास ही नहीं था कि इतनी आसानी से कोई मुझे धोखा दे सकता है। यह घटना मेरे लिए सबक है और समाज के लिए चेतावनी भी। हमें इस तरह के कॉल्स से बेहद सतर्क रहना चाहिए।”
यह मामला न सिर्फ एक साइबर अपराध की मिसाल है बल्कि इसने जागरूकता की कमी को भी उजागर किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल पर अपनी बैंकिंग जानकारी या ओटीपी साझा न करें, अन्यथा बड़ी ठगी का शिकार बनना पड़ सकता है।

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