साखी गांव में बीएलओ पर जानलेवा हमला, तीन लोग घायल
दहशत में क्षेत्र के सभी बीएलओ, आरोपी गिरफ्तारी से दूर
शहडोल। जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम साखी में शनिवार को बीएलओ पर हुए हमले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। गांव के ही माला पिता ग्यानी लोनी ने अचानक हाथ में डंडा लेकर बीएलओ संतोष कुमार पनिका का कालर पकड़ लिया और उन्हें गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। बीएलओ किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन हमला यहीं नहीं रुका। बीच-बचाव के लिए पहुंचीं मोहल्ले की दो महिलाओं और एक युवक पर भी आरोपी ने धावा बोल दिया, जिससे सभी लहूलुहान हो गए।
आरोपी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला कोल तथा पंचायत की रोजगार सहायक प्रतिमा को भी अश्लील गालियाँ देते हुए धमकाया। घटना के दौरान बीएलओ का झोला और मोटरसाइकिल भी छीन ली गई। घायलों के अनुसार कई घंटे बीत जाने के बाद भी न तो उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके चलते वे एसआईआर के निर्वाचन से जुड़े कार्य करने से साफ इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है जान है तो जहान है, ऐसी परिस्थिति में काम कैसे करें?
पुलिस देर से मौके पर पहुंची और बीएलओ का झोला व मोटर साइकिल तो वापस दिलवा दी, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी है। घटना से क्षेत्र के अन्य बीएलओ दहशत में हैं। उनका कहना है कि यदि आरोपी पर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही नहीं होती, तो एसआईआर का पूरा कार्य प्रभावित हो सकता है, क्योंकि सरकारी कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो संवैधानिक दायित्व निभाना संभव नहीं।
स्थानीय स्तर पर अब आशंका जताई जा रही है कि सभी बीएलओ एकजुट होकर काम बंद करने का निर्णय ले सकते हैं, जिससे एसआईआर प्रक्रिया ठप पडऩे की स्थिति बन सकती है। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक संवेदनशीलता और चुनावी कार्यों की गंभीरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।