छत्तीसगढ़ में 4 नए श्रम कोड लागू कर नगरीय निकाय कर्मचारियों को केन्द्रीय वेतनमान का लाभ प्रदान करने की मांग
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता ग़ौरेला
गौरेला पेंड्रा मरवाही/ गौरेला – भारत सरकार द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर उनके स्थान पर 4 नए श्रम कोड अधिसूचित किए गए हैं। इन नए श्रम कोड का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के हितों का संरक्षण करते हुए कार्यप्रणाली में एकरूपता स्थापित करना है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रचलित मजदूरी दरें एवं श्रम सुविधाएं केन्द्रीय मानकों की तुलना में भिन्न हैं, जिससे श्रमिकों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा 01 अप्रैल 2026 से देश के सभी राज्यों में नए श्रम कोड के तहत श्रमिकों को केन्द्रीय दरों पर समान वेतनमान लागू करने की घोषणा की गई है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है।
इस स्थिति के कारण नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों में व्यापक निराशा एवं असंतोष व्याप्त है। कर्मचारी स्वयं को उपेक्षित एवं ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में कर्मचारियों को अपने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उक्त संदर्भ में छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ द्वारा शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की गई है कि नए श्रम कोड के अनुरूप नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को केन्द्रीय दरों के अनुसार वेतन भुगतान सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र आदेश जारी किए जाएं।
महासंघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि 15 अप्रैल 2026 तक इस संबंध में आवश्यक आदेश/सर्कुलर जारी नहीं किया जाता है, तो कर्मचारियों को बाध्य होकर चरणबद्ध आंदोलन करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का सहारा लेना पड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इसके साथ ही प्रदेश के समस्त नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में आयुक्त, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) एवं जनप्रतिनिधियों को भी 4 नए श्रम कोड को छत्तीसगढ़ में लागू करने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया है।