उपयंत्री अरविंद और सचिव शिवचरण है पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के जिम्मेदार

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23 मई को होगी राशि की वसूली या भ्रष्टाचारियों पर होगी जेल की कार्यवाही

उपयंत्री अरविंद और सचिव शिवचरण है पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के जिम्मेदार

3 लाख 22 हजार की राशि वसूली हेतु सीईओ ने दिया कारण बताओ नोटिस

सरपंच और रोजगार सहायक को सांझे में लेकर पीसीओ अमर करता है कारोबार

कलेक्टर आशीष वशिष्ठ और जिला पंचायत सीईओ अभय ङ्क्षसह अनूपपुर जिले के लिए वरदान से कम नही है, ऐसे अधिकारी जिस जिले में होते है निश्चित ही विकास के पथ की ओर वह जिला अग्रसर हो जाता है। परंतु पंचायतों व विभागों में वर्षो से जडे जमाये कर्मचारी आज भी झांसा देकर भ्रष्टाचार करते है और डीएम तथा सीईओ की कार्ययोजना पर पानी फेर देते है। फिलहाल सीईओ ने शिकायत की जांच कराते हुए कुछ भ्रष्टाचारियों से 3 लाख 22 हजार से अधिक राशि की वसूली हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी में कुछ नामचीन चेहरे और नाम ऐसे है जहां उनका बोल-बाला है। वर्षो से भ्रष्टाचार कर करोडो की संपत्ति अर्जित करने वाले उपयंत्री अरविंद उइके और सचिव शिवचरण पटेल अब नियम कानून को अपने जेब में रख पंचायत के विकास कार्यो को अंजाम देते है। वही सरपंच प्रीति ङ्क्षसह और रोजगार सहायक बालमुकुंद पटेल को पीसीओ अमर ङ्क्षसह कुवर द्वारा सांझे में लेकर भ्रष्टाचार की ओर धकेला जा रहा है। वर्षो से सेक्टर व पंचायत बदलकर अपने कारोबार को अंजाम दे रहे है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर महज खानापूर्ति ही रहती है, यही कारण है कि जब शिकायत हो तभी कार्यवाही होती है और अगर शिकायत नही हुई तो कोई भी अधिकारी उनके भ्रष्टाचारी पैर को हिला भी नही सकता है।

कमीशन के आगे नतमस्तक उइके

जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कांसा, दुधमनिया, ताराडांड, खोलाडी, ठोठीपानी, बैहार, गौरेला, गोबरी, झाईताल आदि सेक्टरो की जिम्मेदार देख रहे उपयंत्री अरविंद उइके कमीशन के आगे नतमस्तक हो चुके है। यही कारण है की योजनाओं का लाभ ग्रामवासियों को न मिलकर सीधे अनाधिकृत ठेकेदारो व वेंडरो को मिलता है। यह उपयंत्री हाल ही में सेक्टर अंतर्गत अन्य पंचायतों में भी हो रहे निर्माण कार्यो में जमकर कमीशनखोरी कर रहा है, एसडीओ के साथ मिलकर स्टापडेम व रपटा जैसे निर्माण कार्य को ज्यादातर ध्यान दिया जा रहा है तांकि ज्यादा से ज्यादा कमीशन प्राप्त किया जा सके।

सचिव शिवचरण की अलग कहानी

जनपद पंचायत जैतहरी के विभिन्न पंचायतो में वर्षो से राज करने वाले भ्रष्टाचारी सचिव शिवचरण पटेल पर पूर्व में निलंबन जैसी कार्यवाही भी हो चुकी है, इनके काले कारनामे इतने ज्यादा थे कि बचने के लिए नेताओं की चरण वंदना तक करना पडा था और पूर्व में हुए इस कार्यवाही से बचाने के लिए उस नेता को भी कलेक्टर के समक्ष माफी मांगनी पडी थी, तब कही जाकर सचिव की नौकरी बची थी, उसके बावजूद भी शिवचरण पटेल की आदतों में सुधार नही हुआ और एक बार फिर जमकर भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का खेल पंचायतो में खेल रहे है।

3 लाख से अधिक राशि की होगी वसूली

अनूपपुर जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत कांसा में विभिन्न निर्माण कार्यों में तकनीकी स्वीकृति से अधिक व्यय राशि एवं पीएम आवासो में नियम विरुद्ध हितग्राहियों को पुन: आवास का लाभ देने पर राशि 3 लाख 22 हजार 7 सौ 61 रुपए शासन की राशि का अवैधानिक रूप से आहरण कर दुरुपयोग किए जाने के आरोप जांच में प्रमाणित पाए जाने पर कांसा सेक्टर के उपयंत्री अरविंद उइके से 49 हजार 65 रुपए पीसीओ अमर सिंह कंवर से 49 हजार 3 सौ 34 रुपए ग्राम पंचायत कांसा की सरपंच श्रीमती प्रीति सिंह से 87 हजार 6सौ 49 रुपए सचिव शिवचरण पटेल से 87 हजार 6 सौ 49 रुपए व ग्राम रोजगार सहायक बालमुकुंद पटेल से 49 हजार 65 रुपए जिला पंचायत अनूपपुर के एकल खाता में जमा कर रसीद प्रस्तुत करने के संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने राशि वसूली हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

हर कार्यो की जांच व निलंबन की होनी चाहिए कार्यवाही

जनपद पंचायत जैतहरी के अध्यक्ष राजीव सिंह से अनौपचारिक बात चीत के दौरान कहा कि ऐसे उपयंत्री और सचिव सहित पंचायतों के जिम्मेदारो पर नियमों के तहत कार्यवही होनी चाहिए। उपयंत्री अरविंद उइके और सचिव शिवचरण पटेल के ऊपर केवल राशि की वसूली ही नही बल्कि निलंबन की कार्यवाही भी करनी चाहिए, तांकि आने वाले दिनो में भ्रष्टाचार करने तथा गरीबो से योजनाओं का हक छीनने से पहले कई बार सोचना पडे। फिलहाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर ने संबंधितों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि 23 मई को अपराह्न 2 बजे समक्ष में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करें, नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि पेसी दिनांक को वसूली राशि जमा न होने या अनुपस्थिति के दशा में मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उप धारा (2) के तहत जिला जेल की कार्रवाई की जाएगी।

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