जैतहरी भाजपा में कलह : महिला पार्षद बोलीं वरिष्ठ नेता ने किया अपमान, अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग; वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद

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अनूपपुर।जिले की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। नगर परिषद जैतहरी की पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान पार्षद श्रीमती नवरंगी विजय शुक्ला और भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल गुप्ता आमने-सामने हैं। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है, जिसमें अनिल गुप्ता द्वारा महिला पार्षद के प्रति अपमानजनक शब्द कहे जाने का आरोप है। इस विवाद ने तूल तब पकड़ा जब नवरंगी विजय शुक्ला ने लगातार दो अलग-अलग पत्र लिखकर भाजपा संगठन और सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
 रेल मंत्री को लिखा पत्र
24 अगस्त 2025 को नवरंगी विजय शुक्ला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर रेलवे की भूमि पर बिना अनुमति लगे अवैध होर्डिंग्स और अतिक्रमण को हटाने की मांग की। पत्र में उल्लेख था कि जैतहरी रेलवे अंडरब्रिज के दोनों ओर रेलवे की भूमि पर नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा बिना अनुमति विज्ञापन बोर्ड लगाए गए हैं, जिनका आकार 22×40 फीट तक का है।उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इस पत्र की प्रतिलिपि रेलवे बोर्ड अध्यक्ष, SECR के महाप्रबंधक बिलासपुर और मंडल रेल प्रबंधक को भी भेजी गई थी।
भाजपा अध्यक्ष को भेजी शिकायत
इसके बाद विवाद तब और गंभीर हो गया जब नवरंगी विजय शुक्ला ने 29 अगस्त को दूसरा पत्र लिखा। यह पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल को संबोधित है। इस पत्र में उन्होंने कहा कि 28 अगस्त को नगर परिषद के एक कार्यक्रम में भाजपा नेता अनिल गुप्ता ने सार्वजनिक मंच से उनके प्रति अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इससे पहले भी अनिल गुप्ता पर अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने जैसे आरोप लग चुके हैं।“मैं समाज में सम्मानित महिला हूँ। जैतहरी नगर की प्रथम महिला अध्यक्ष रही हूँ। मेरे साथ इस तरह की अभद्रता ने मुझे और मेरे परिवार को बहुत अपमानित किया है।”
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से स्पष्ट मांग की है कि

महिलाओं के प्रति हमेशा दुर्व्यवहार करने वाले अनिल गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो क्लिप की जांच कराई जाए। भाजपा महिला मोर्चा और संगठन सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में सामने आए। इस पत्र की प्रतिलिपि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद माया नरोलिया, और अनूपपुर जिला भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष दीपा सिंह को भेजी गई है।

वायरल वीडियो का विवाद

सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को लेकर बवाल मचा है, उसमें अनिल गुप्ता का बयान साफ-साफ सुनाई देता है। भाजपा की स्थानीय इकाई के कार्यकर्ता इसे “एडिटेड वीडियो” बता रहे हैं, लेकिन विरोधियों का दावा है कि वीडियो में कही गई बातें स्पष्ट और बिना किसी काट-छाँट के हैं। गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी अनिल गुप्ता पर व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील फोटो शेयर करने का आरोप लग चुका है। इस कारण उनकी छवि पहले से ही विवादों में घिरी रही है।

डैमेज कंट्रोल की कोशिश
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, अनिल गुप्ता की ओर से सफाई दी गई। उन्होंने कहा कि मेरा बयान एडिट करके पेश किया जा रहा है। अटल चौक का निर्माण मेरी अगुवाई में हुआ है और अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मूर्ति का लोकार्पण होना है। मेरी छवि खराब करने के लिए विरोधी गुट इस तरह की साजिशें रच रहे हैं। मैंने हमेशा जनता और पार्टी के लिए काम किया है, किसी का अपमान करना मेरा मकसद नहीं। लेकिन इस सफाई के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं और खासकर महिला नेताओं के बीच असंतोष की लहर है।
भाजपा महिला मोर्चा की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विपक्ष के नेताओं ने कभी महिलाओं के खिलाफ बयान दिए थे, तब भाजपा महिला मोर्चा ने जोरदार विरोध किया था। जीतू पटवारी के बयान पर महिला मोर्चा ने प्रदर्शन किए व पुतला दहन किया। बिहार में कांग्रेस के कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी को कहे गए अपशब्द  वाले आए वीडियो को लेकर भी महिला मोर्चा और जिला भाजपा ने जमकर विरोध किया था। लेकिन अब, जब मामला भाजपा की अपनी महिला पार्षद और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष से जुड़ा है, महिला मोर्चा चुप्पी साधे हुए है। नवरंगी विजय शुक्ला, जो खुद भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और महिला मोर्चा में पदाधिकारी रह चुकी हैं, ने खुले तौर पर कहा है कि वे खुद को अकेला और अपमानित महसूस कर रही हैं।
जैतहरी नगर परिषद का यह विवाद अब महज अतिक्रमण और होर्डिंग तक सीमित नहीं है। यह भाजपा की अंदरूनी कलह, महिला सम्मान और संगठन की दोहरी नीति का मुद्दा बन गया है। एक तरफ महिला पार्षद अपने सम्मान की लड़ाई लड़ रही हैं। दूसरी ओर वरिष्ठ नेता अनिल गुप्ता खुद को साजिश का शिकार बता रहे हैं।और बीच में भाजपा की जिला बॉडी और उसका महिला मोर्चा, जो हर बार विरोधियों पर हमला बोलता रहा है, इस बार चुप्पी साधे बैठा है।
अब देखना यह होगा कि भाजपा नेतृत्व इस विवाद में किसके साथ खड़ा होता है अपनी महिला पार्षद और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष के सम्मान की रक्षा करता है या फिर अपने वरिष्ठ नेता को बचाने की कोशिश में ही लगा रहता है।

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