लीज भूमि पर निर्माण से विवाद, नगर पालिका को एसईसीएल का नोटिस

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(शुभम तिवारी)
शहडोल। जिले के धनपुरी क्षेत्र में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की लीज भूमि पर कराए गए निर्माण कार्यों को लेकर नगर पालिका धनपुरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। यह नोटिस एसईसीएल के संपदा अधिकारी द्वारा सार्वजनिक परिसर (अनाधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत जारी किया गया है।
लीज अवधि के दौरान निर्माण पर आपत्ति
जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि खसरा क्रमांक 264, 267, 270 एवं 272 मध्यप्रदेश शासन द्वारा एसईसीएल को वर्ष 2035 तक लीज पर प्रदान की गई है। एसईसीएल प्रबंधन का कहना है कि उक्त भूमि पर बिना पूर्व अनुमति के सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और पानी टंकी का निर्माण कराया गया है, जो लीज शर्तों का उल्लंघन है। संपदा अधिकारी ने नगर पालिका से स्पष्ट किया है कि लीजधारी संस्था की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण वैध नहीं माना जाएगा।
माइंस क्षेत्र में सुरक्षा पर उठे सवाल
निर्माण स्थल बुढ़ार नंबर-1 माइंस के प्रभावित क्षेत्र में बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन स्थानों पर पूर्व में भूमिगत खनन कार्य हुआ हो, वहां निर्माण से पहले विस्तृत तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है। ऐसे क्षेत्रों में भूमि धंसने का जोखिम बना रहता है।
हालांकि नगर पालिका के अधिकारियों की ओर से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मामले में तकनीकी रिपोर्ट और दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
एक सप्ताह में जवाब देने के निर्देश
नोटिस में नगर पालिका को एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं, यदि सभी आवश्यक स्वीकृतियां ली गई हैं, तो नगर पालिका को दस्तावेज सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि जांच और जवाबी प्रक्रिया के बाद प्रशासन क्या रुख अपनाता है।

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